राज्यपाल से ब्लैकफुट चैलेंज के सीईओ की शिष्टाचार भेंट, मानव-भालू संघर्ष पर साझा किए 20 वर्षों के अनुभव

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देहरादून 02 मार्च, 2026 । लोक भवन में लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से ब्लैकफुट चैलेंज (मोनटाना) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. एस. एम. विल्सन ने शिष्टाचार भेंट की।
इस अवसर पर डॉ. विल्सन ने मानव-भालू संघर्ष विषय पर अपने 20 वर्षों के अध्ययन एवं अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि भालू अक्सर मृत मवेशियों के अवशेषों की ओर आकर्षित होकर आबादी वाले क्षेत्रों में प्रवेश करते हैं। ऐसे में मृत पशुओं का वैज्ञानिक एवं सुरक्षित निस्तारण अत्यंत आवश्यक है, ताकि भालुओं का मानव बस्तियों की ओर आकर्षण कम किया जा सके। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि जलवायु परिवर्तन के कारण भालुओं के व्यवहार में परिवर्तन आ रहा है; शीतनिद्रा (हाइबरनेशन) की अवधि घटने से वे अधिक समय तक सक्रिय रहते हैं और भोजन की तलाश में मानव आबादी के निकट पहुँच जाते हैं।
डॉ. विल्सन ने सुझाव दिया कि मानव-भालू संघर्ष को कम करने के लिए भालुओं के आहार, आवासीय व्यवहार और गतिविधियों का विस्तृत अध्ययन किया जाना चाहिए। सामुदायिक सहभागिता, वैज्ञानिक डेटा का सह-निर्माण, रोकथाम आधारित उपाय, पशु अवशेष प्रबंधन तथा जन-जागरूकता—ये सभी प्रभावी प्रबंधन रणनीतियाँ विकसित करने में सहायक हो सकते हैं।
राज्यपाल ने डॉ. विल्सन के अनुभवों की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय राज्य में मानव-वन्यजीव संतुलन अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सामुदायिक सहभागिता और समन्वित प्रयासों के माध्यम से मानव और वन्यजीवों के बीच सामंजस्य स्थापित करने पर बल दिया। साथ ही, राज्यपाल ने डॉ. विल्सन से वन मंत्री एवं सचिव के साथ बैठक कर अपने सुझाव साझा करने का अनुरोध किया।
इस अवसर पर पूर्व पीसीसीएफ राजीव भरतरी भी उपस्थित रहे।

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