मुख्यमंत्री धामी ने किया मसूरी विधानसभा में 17.80 करोड़ की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मसूरी विधानसभा क्षेत्र के पुरुकुल में 17 करोड़ 80 लाख की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस दौरान पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष स्वर्गीय दीपक पुंडीर की स्मृति में निर्मित सामुदायिक भवन का भी लोकार्पण किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सभी परियोजनाएं मसूरी विधानसभा क्षेत्र के विकास को नई गति देंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास के स्वर्णिम दौर की ओर तेजी से बढ़ रहा है। प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ उत्तराखंड को खेल, पर्यटन और एडवेंचर गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘वेडिंग डेस्टिनेशन’ और पर्यटन की चर्चा होते ही सबसे पहले मसूरी का नाम सामने आता है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करता है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है। उन्होंने बताया कि पुरुकुल में सैन्य धाम का निर्माण कार्य जारी है, जबकि मसूरी रोपवे के लोअर टर्मिनल तक लगभग 13 किलोमीटर मुख्य सड़क का उच्चीकरण किया जा रहा है। इसके अलावा जल जीवन मिशन के तहत गंगोल-पंडितवाड़ी पेयजल योजना के माध्यम से अनेक गांवों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मसूरी विधानसभा क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए मालदेवता लाल पुल से सिल्ला-मोलधार होते हुए सुआखोली तक सड़क का सीआरएफ योजना के तहत सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। वहीं ग्राम पंचायत रिखोली के सोलाह गांव में विद्युतीकरण का कार्य पूरा हो चुका है। बाढ़ सुरक्षा के तहत सहस्त्रधारा क्षेत्र में बाल्दी नदी के दोनों किनारों पर 1.5 किलोमीटर तक सुरक्षात्मक कार्य तथा न्यू कैंट रोड क्षेत्र में भी सुरक्षा कार्य कराए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा और जनसांख्यिकीय संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया है। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने के साथ ही दंगों के दौरान सार्वजनिक एवं निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से ही क्षतिपूर्ति वसूलने का कानून भी बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में नकल माफिया पर शिकंजा कसने के लिए लागू सख्त नकल विरोधी कानून के बाद 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां मिल चुकी हैं। स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए नई स्टार्टअप नीति, एक जनपद दो उत्पाद, हाउस ऑफ हिमालयाज, होम स्टे योजना, वेड इन उत्तराखंड और सौर स्वरोजगार योजना जैसी पहलें शुरू की गई हैं। इन योजनाओं के सकारात्मक परिणामस्वरूप प्रदेश की बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की रिकॉर्ड कमी दर्ज की गई है तथा नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) इंडेक्स में उत्तराखंड ने देश में पहला स्थान हासिल किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा उत्तराखंड बनाना है, जहां युवाओं को रोजगार के लिए पलायन न करना पड़े और मातृशक्ति पूरी तरह आत्मनिर्भर एवं सशक्त बने।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। मसूरी विधानसभा क्षेत्र में सड़क, पेयजल, सामुदायिक भवन और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े अनेक कार्य तेजी से पूरे किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर दायित्वधारी ज्योति कोटिया, शमशेर सिंह बिष्ट, एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, भाजपा नेता वीर सिंह चौहान, नेहा जोशी, सीमा पुंडीर, लक्ष्मण सिंह रावत सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
