पीएम मोदी की जॉर्डन यात्रा में पांच प्रमुख समझौतों पर लगी मुहर

1
0 0
Read Time:4 Minute, 15 Second

अम्मान: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को जॉर्डन की अपनी राजकीय यात्रा के दौरान पांच समझौतों पर हस्ताक्षर होने पर इनकी सराहना करते हुए इसे भारत–जॉर्डन साझेदारी का “सार्थक विस्तार” बताया। दोनों देशों के बीच जिन पांच समझौतों पर हस्ताक्षर हुये हैं, उनमें नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा में तकनीकी सहयोग, जल संसाधन प्रबंधन और विकास में सहयोग, विरासत संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पेट्रा और एलोरा के बीच एक समझौता, 2025–2029 के लिए सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम के नवीनीकरण से संबंधित समझौते शामिल हैं। जिससे लोगों के आपसी संपर्क को और बढ़ावा किया जाएगा और डिजिटल परिवर्तन के लिए भारत के सफल डिजिटल समाधानों को बड़े पैमाने पर साझा करने से संबंधित समझौता किया गया है।

प्रधानमंत्री ने इस दौरे के महत्व पर कहा कि ये समझौते भारत–जॉर्डन संबंधों की बढ़ती गहराई और व्यापकता को दर्शाते हैं। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा में सहयोग स्वच्छ विकास, ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु जिम्मेदारी के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।” उन्होंने कहा, “जल संसाधन प्रबंधन में सहयोग से हमें संरक्षण, दक्षता और प्रौद्योगिकी से जुड़ी सर्वोत्तम प्रक्रियाओं को साझा करने का अवसर मिलेगा, जिससे दोनों देशों के लिए दीर्घकालिक जल सुरक्षा सुनिश्चित होगी।”

पीएम मोदी ने कहा कि पेट्रा और एलोरा के बीच समझौता शैक्षणिक आदान-प्रदान, विरासत संरक्षण और पर्यटन संवर्धन के नए अवसर खोलेगा, जबकि सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम का नवीनीकरण भारत और जॉर्डन के लोगों के बीच गहरे संबंधों को बढ़ावा देगा। भारत के डिजिटल नवाचारों को साझा करने से जॉर्डन के डिजिटल परिवर्तन को समर्थन मिलेगा और समावेशी शासन को प्रोत्साहन मिलेगा।

इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री का अल हुसैनिया पैलेस में किंग अब्दुल्ला द्वितीय ने गर्मजोशी से स्वागत किया, जहां दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय स्थिरता और आपसी हितों से जुड़े वैश्विक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। बातचीत में व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग, कृषि, बुनियादी ढांचा, नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यटन जैसे विषय शामिल रहे। दोनों नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता दोहराई।

अम्मान स्थित अल हुसैन टेक्निकल यूनिवर्सिटी में भारत–जॉर्डन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को भारत की ओर से समर्थन देने की घोषणा भी की गई, जो तीन वर्षों में 10 मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित करेगा और शैक्षणिक और तकनीकी सहयोग को मजबूती प्रदान करेगा। जॉर्डन यात्रा के बाद प्रधानमंत्री मोदी इथियोपिया जाएंगे। जिससे पश्चिम एशिया और अफ्रीका में रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों सुदृढ़ होंगे।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
en_USEnglish