उत्तर कोरिया के बैलिस्टिक मिसाइलों के परीक्षण से बढ़ा वैश्विक तनाव
सोल: उत्तर कोरिया ने शनिवार को पूर्वी सागर (जापान सागर) की दिशा में लगभग 10 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। दक्षिण कोरिया की संयुक्त सेना प्रमुख समिति ने यह जानकारी दी। योनहाप समाचार एजेंसी के अनुसार, समिति ने बताया कि मिसाइलों का प्रक्षेपण उत्तर कोरिया के सुनान क्षेत्र से किया गया। यह इस वर्ष उत्तर कोरिया द्वारा किया गया तीसरा बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण है। दक्षिण कोरिया और जापान ने इस परीक्षण की पुष्टि की है, जो क्षेत्र में सैन्य तनाव को बढ़ाता है। यह मिसाइल जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र के बाहर गिरी। जापान और दक्षिण कोरिया ने इस हरकत को भड़काऊ बताया और इसकी कड़ी निंदा की।
दक्षिण कोरियाई सेना ने कहा कि अतिरिक्त प्रक्षेपण की आशंका को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी गई है और मिसाइल संबंधी सूचनाएं अमरीका तथा जापान के साथ साझा की जा रही हैं। यह प्रक्षेपण ऐसे समय हुआ है जब दक्षिण कोरिया और अमरीका ने सोमवार से अपने वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास की शुरुआत की है, जो 11 दिनों तक चलेगा। उत्तर कोरिया लंबे समय से इन संयुक्त सैन्य अभ्यासों की आलोचना करते हुए उन्हें आक्रमण की तैयारी बताता रहा है, जबकि दक्षिण कोरिया और अमरीका का कहना है कि यह अभ्यास पूरी तरह रक्षात्मक प्रकृति के हैं। इस सप्ताह की शुरुआत में उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने इन सैन्य अभ्यासों की निंदा करते हुए “अकल्पनीय गंभीर परिणामों” की चेतावनी दी थी।
हाल ही में उत्तर कोरिया ने अपने युद्धपोत चोए ह्योन से रणनीतिक क्रूज मिसाइलों का भी परीक्षण किया था। सरकारी मीडिया के अनुसार किम जोंग उन ने उस समय मजबूत और विश्वसनीय परमाणु प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने और उसका विस्तार करने की आवश्यकता पर जोर दिया था। उत्तर कोरिया का यह ताजा प्रक्षेपण उस समय भी हुआ है जब दक्षिण कोरिया के प्रधानमंत्री किम मिन सियोक ने कहा कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उत्तर कोरियाई नेता के साथ वार्ता फिर से शुरू करने को लेकर सकारात्मक हैं, हालांकि समय को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है।
मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि ट्रंप मार्च के अंत से अप्रैल की शुरुआत के बीच चीन की यात्रा कर सकते हैं। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ शिखर बैठक के दौरान उनकी उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता से संभावित मुलाकात की अटकलें भी लगाई जा रही हैं। इससे पहले उत्तर कोरिया ने 27 जनवरी को पूर्वी सागर की दिशा में कम दूरी की कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं, जिन्हें उसने बड़े कैलिबर बहु-रॉकेट प्रक्षेपण प्रणाली के परीक्षण का हिस्सा बताया था।
