प्रधानाचार्या शांता कुमारी ने किया जीआईसी निचार में एनएसएस शिविर का उद्घाटन; प्रोजेक्ट ऑफिसर वेद प्रकाश व मनीषा के मार्गदर्शन में हो रहे विशेष आयोजन

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-‘नॉट मी, बट यू’ का संदेश लेकर निचार में शुरू हुआ एनएसएस कैंप

–सेवा और अनुशासन का पाठ: राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला निचार में एनएसएस शिविर शुरू

निचार, किन्नौर: किन्नौर जिला के जनजातीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला निचार में सत्र 2026-27 के तहत सात दिवसीय एनएसएस (राष्ट्रीय सेवा योजना) विशेष शिविर का विधिवत और शानदार शुभारंभ किया गया। इस सात दिवसीय शिविर का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रतिभा को उभारना, उनमें समाज सेवा की भावना पैदा करना और उन्हें राष्ट्र निर्माण के लिए तैयार करना है।

–प्रधानाचार्या की गरिमामयी उपस्थिति और दीप प्रज्वलन

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं विद्यालय की प्रधानाचार्या शांता कुमारी द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। अपने व्यस्त और कठिन शैक्षणिक दिनचर्या में से समय निकालकर विद्यालय की प्रधानाचार्या ने शिविर में पहुंचकर सभी एनएसएस स्वयंसेवकों का किया उत्साहवर्धन। विद्यालय के स्वयंसेवकों और आयोजकों ने प्रधानाचार्या, समस्त अध्यापकगण और पधारे हुए सभी गणमान्य अतिथियों का हार्दिक अभिनंदन और किया स्वागत ।

–शिविर में क्या-क्या सिखाया जाता है और एनएसएस का उद्देश्य

उद्घाटन सत्र के दौरान स्वयंसेवकों ने विस्तार से बताया कि इस शिविर का हिस्सा बनने का मुख्य मकसद केवल औपचारिकता निभाना नहीं है, बल्कि अपने अंदर सेवा, अनुशासन, आपसी सहयोग, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी की गहरी भावना विकसित करना है।

विद्यार्थियों को यह सिखाया जाता है कि राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) का पूरा नाम नेशनल सर्विस स्कीम है, जिसकी स्थापना देश भर में 24 सितंबर 1969 को की गई थी। एनएसएस का मूल उद्देश्य छात्र-छात्राओं के व्यक्तित्व और चरित्र का सर्वांगीण विकास केवल किताबी ज्ञान से नहीं, बल्कि प्रत्यक्ष समाज सेवा के माध्यम से करना है। इस शिविर का सबसे बड़ा और प्रेरणादायक आदर्श वाक्य ‘नॉट मी, बट यू’ (Not Me, But You – ‘स्वयं से पहले आप’) है। यह वाक्य बच्चों को सिखाता है कि उन्हें केवल अपने व्यक्तिगत स्वार्थ या दायरे के बारे में न सोचकर, समाज, देश और जरूरतमंदों की भलाई को हमेशा प्राथमिकता देनी चाहिए। इसके तहत बच्चों को यह पाठ पढ़ाया जाता है कि सच्ची शिक्षा केवल कक्षाओं और चार दीवारों तक सीमित नहीं होती, बल्कि समाज के बीच जमीन पर उतरकर जरूरतमंदों की मदद करना और सकारात्मक बदलाव लाना ही असली शिक्षा है।

–शिविर में बच्चों के ठहरने और प्रबंधन की विशेष व्यवस्थाएं

सात दिवसीय इस आवासीय जैसे विशेष शिविर के दौरान बच्चों के सुचारू रूप से ठहरने, खाने-पीने और दैनिक गतिविधियों के प्रबंधन के लिए विद्यालय प्रशासन और अध्यापकों द्वारा पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। बच्चों की देखरेख और ठहरने से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से चलाने की जिम्मेदारी विद्यालय के अनुभवी शिक्षकों और सहयोगियों को सौंपी गई है। इस व्यवस्था को संभालने और बच्चों का मार्गदर्शन करने में दीपक कुमार, जगदेव नेगी, गायत्री देवी, निखिल, इशिता, कपिल और सुरेखा जैसी समर्पित फैकल्टी तथा वरिष्ठ छात्र एनएसएस स्वयंसेवक पूरी तन्मयता से जुटे हुए हैं।

-गरिमामयी उपस्थिति और कुशल आयोजन

इस पूरे सात दिवसीय महाअभियान और शिविर का कुशल आयोजन एवं संचालन विद्यालय के योग्य प्रोजेक्ट ऑफिसर वेद प्रकाश तथा मनीषा के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।

आयोजकों ने बताया कि आगामी सात दिनों तक इस शिविर के दौरान विद्यार्थियों के लिए विभिन्न बौद्धिक सत्र, योग एवं श्रमदान शिविर, सांस्कृतिक कार्यक्रम, आपदा प्रबंधन और सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता से जुड़ी कई रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, जिससे बच्चों का मानसिक और शारीरिक विकास हो सके।

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