भारत-अमेरिका संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘युद्ध अभ्यास-2026’ का औली में हुआ आगाज
देहरादून/चमोली। सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण उत्तराखंड के औली में मंगलवार को भारत और अमेरिका की सेनाओं के संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘युद्ध अभ्यास-2026’ के 22वें संस्करण का औपचारिक शुभारंभ हुआ। औली स्थित विदेशी प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित भव्य उद्घाटन समारोह में दोनों देशों के लगभग 600-600 सैन्यकर्मियों ने हिस्सा लिया। यह विशाल अभ्यास औली की बर्फीली पहाड़ियों के साथ-साथ राजस्थान की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में भी एक साथ संचालित किया जा रहा है।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए भारतीय सेना की 14वीं इन्फैंट्री डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल अमरेश गुंजन और अमेरिकी सेना की 11वीं एयरबोर्न डिवीजन (प्रथम इन्फैंट्री ब्रिगेड कॉम्बैट टीम) के कमांडर कर्नल बेंजामिन जैकमैन ने दोनों सैन्य दलों का हौसला बढ़ाया।
अभ्यास के प्रमुख बिंदु:
पर्वतीय युद्ध कौशल पर जोर: इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य दुर्गम पर्वतीय और अर्ध-पर्वतीय क्षेत्रों में संयुक्त सैन्य अभियान संचालित करने की क्षमता को मजबूत करना है। दोनों सेनाएं कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में रणनीतिक योजना, संचालन और पैदल सेना के आधुनिक युद्ध कौशल का अभ्यास करेंगी।
औली की अत्यधिक ऊंचाई और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां जहां अमेरिकी सैनिकों को विशेष पर्वतीय प्रशिक्षण का अवसर देंगी, वहीं भारतीय सेना को अमेरिकी बलों की आधुनिक युद्ध तकनीक और संचालन पद्धतियों को समझने का मौका मिलेगा।
युद्ध अभ्यास के इस संस्करण में आधुनिक तकनीक पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। निगरानी तथा टोही (सर्च) अभियानों के दौरान ड्रोन और स्वायत्त प्रणालियों का व्यापक इस्तेमाल किया जाएगा।
महाजन रेंज में हथियार प्रदर्शन: राजस्थान स्थित महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में आधुनिक हथियार प्रणालियों का लाइव प्रदर्शन किया जाएगा।
दोनों देशों के सैन्य विशेषज्ञ उभरती तकनीकों और बहु-क्षेत्रीय (मल्टी-डोमेन) युद्ध की बदलती जरूरतों पर ज्ञान साझा करेंगे, जिससे दोनों सेनाओं के बीच संयुक्त रूप से प्रभावी अभियान संचालित करने की क्षमता (इंटरऑपरेबिलिटी) मजबूत होगी।
