हरिद्वार जिला जेल में हार्डकोर क्रिमिनल्स के लिए नया हाई-सिक्योरिटी बैरक तैयार

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हरिद्वार। जिले के रोशनाबाद स्थित जिला जेल में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए नई हाई सिक्योरिटी बैरक बनाई गई है। यह बैरक बनकर तैयार हो गई है। इस बैरक में हार्डकोर क्रिमिनल और कुख्यात गैंगस्टरों को रखा जाएगा, ताकि जेल के भीतर आपराधिक गतिविधियां न हो सकें। नई हाई सिक्योरिटी बैरक की क्षमता करीब 50 कैदियों की बताई जा रही है।

जेल प्रशासन के अनुसार इस बैरक को इस तरह डिजाइन किया गया है कि गंभीर अपराधों में बंद कैदियों को सामान्य बंदियों से अलग रखा जा सके। इससे जेल के अंदर अनुशासन बनाए रखने और आपराधिक नेटवर्किंग को रोकने में मदद मिलेगी। बाहरी रूप से साधारण दिखने वाली इस बैरक में आधुनिक सुरक्षा उपकरण लगाए गए हैं। निगरानी व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सीसीटीवी कैमरे जैसे विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। जल्द ही बैरक को औपचारिक रूप से संचालन में लाया जाएगा।

गौरतलब है कि हरिद्वार जिला जेल पहले भी कई चर्चित अपराधियों को लेकर सुर्खियों में रही है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के चर्चित गैंगस्टर सुनील राठी समेत कई हार्डकोर क्रिमिनल यहां बंद रह चुके हैं। हालांकि कुछ साल पहले सुनील राठी को हरिद्वार से उत्तराखंड की दूसरे जेल में शिफ्ट कर दिया गया था।

जेल प्रशासन के मुताबिक 888 कैदियों की क्षमता वाली हरिद्वार जिला जेल में इस समय करीब 950 बंदी बंद हैं। ऐसे में नई हाई सिक्योरिटी बैरक बनने से जेल प्रशासन को सुरक्षा और प्रबंधन दोनों स्तर पर राहत मिलने की उम्मीद है।

हरिद्वार जिले के रोशनाबाद और रुड़की में दो जेलें हैं। रुड़की जेल में पूर्व में दो बड़ी वारदातें हो चुकी हैं। कई साल पहले रुड़की जेल के बाहर जेल अधीक्षक की हत्या हो चुकी है। साथ ही पूर्व में जेल के मुख्य गेट पर जमानत पर बाहर आ रहे गैंगस्टर चीनू पंडित पर ताबड़तोड़ फायरिंग की वारदात भी हुई थी। उस वारदात में चीनू को बच निकला था, लेकिन उसके तीन साथियों की गोली लगने से मौत हो गई थी। ऐसी चर्चा रही कि चीनू पंडित और सुनील राठी के बीच चल रही दुश्मनी के कारण इस गोलीकांड को अंजाम दिया गया था। हालांकि हरिद्वार की रोशनाबाद जेल में इस तरह की वारदातें तो नहीं हुईं, लेकिन पूर्व में एक धार्मिक आयोजन के दौरान दो कैदी फरार जरूर हो गए थे। फिलहाल जेल की सुरक्षा बढ़ाने के लिए हाई सिक्योरिटी बैरक बनाई जा चुकी है और बस अब उपकरण लगने बाकी हैं।

वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज कुमार आर्या ने बताया कि जेल में कई तरह के हार्ड कोर क्रिमिनल होते हैं, जिन्हें रखने के लिए विशेष बैरकों की आवश्यकता होती है। इसलिए सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए जिला कारागार में पचास बंदियों की क्षमता वाली विशेष हाई सिक्योरिटी बैरक बनाई गई है। हाई सिक्योरिटी बैरक के सुरक्षा के मापदंड अन्य साधारण जेलों से अलग होते हैं। यहां चप्पे चप्पे पर सीसीटीवी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से निगरानी की जाएगी। जेल में क्षमता से अधिक कैदी होने के बावजूद भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत चल रही है।

वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज कुमार आर्या ने बताया कि हाई सिक्योरिटी बैरक में सिक्योरिटी उपकरणों का प्रपोजल बनाकर उच्च अधिकारियों को भेजा गया है। अनुमति मिलते ही सभी उपकरण इंस्टॉल कराने का कार्य शुरू कराया जाएगा। उपकरण लगने के बाद बैरक में हार्ड कोर क्रिमिनल शिफ्ट किए जाएंगे। हाई सिक्योरिटी बैरक शुरू होते ही जेल में बंदियों को रखने की क्षमता भी बढ़ जाएगी।

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