राष्ट्रपति के अभिभाषण में भारत की विकास यात्रा और भविष्य की दिशा स्पष्ट : प्रधानमंत्री

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नई दिल्ली, 28 जनवरी । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को संसद के बजट सत्र की शुरुआत पर दोनों सदनों को राष्ट्रपति के संबोधन की सराहना करते हुए कहा कि यह संबोधन व्यापक, प्रेरक और दूरदर्शी रहा। राष्ट्रपति का संबोधन हाल के वर्षों में भारत की उल्लेखनीय विकास यात्रा को दर्शाने के साथ-साथ भविष्य के लिए स्पष्ट दिशा भी तय करता है।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि संसदीय परंपराओं में राष्ट्रपति का संबोधन विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह आने वाले महीनों में देश की विकास यात्रा को दिशा देने वाले नीतिगत संकल्पों को सामने रखता है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह संबोधन देश को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाने में मार्गदर्शक सिद्ध होगा।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के संबोधन में ‘विकसित भारत’ के निर्माण पर विशेष जोर दिया गया, जो मजबूत और आत्मनिर्भर राष्ट्र के निर्माण की हमारी साझा आकांक्षा को प्रतिबिंबित करता है। मोदी ने कहा कि संबोधन में सुधारों की रफ्तार को और तेज करने, नवाचार तथा सुशासन पर जोर देने की सामूहिक प्रतिबद्धता भी स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति के संबोधन में किसानों, युवाओं, गरीबों और वंचित वर्गों के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों का भी उल्लेख किया गया, जो समावेशी विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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