1984 सिख दंगे: जनकपुरी-विकासपुरी केस में पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार बरी

14
0 0
Read Time:3 Minute, 17 Second

नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने 1984 के सिख विरोधी दंगों के दौरान राजधानी के जनकपुरी और विकासपुरी इलाकों में हिंसा भडक़ाने के आरोपी पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार को गुरुवार को बरी कर दिया गया। विशेष न्यायाधीश दिग विनय सिंह ने संक्षिप्त मौखिक आदेश सुनाते हुए सज्जन कुमार को बरी किया। उन्होंने कहा कि मामले का विस्तृत आदेश बाद में जारी किया जाएगा। यह मामला दंगों के दौरान हुई हिंसा की शिकायतों पर फरवरी 2015 में विशेष जांच दल (एसआईटी) की दर्ज की गयी दो प्राथमिकियों से संबंधित था।

अगस्त 2023 में निचली अदालत ने सज्जन कुमार के खिलाफ दंगा भडक़ाने और शत्रुता को बढ़ावा देने के आरोपों में आरोप तय किये थे, जबकि हत्या और आपराधिक साजिश के आरोपों को हटा दिया गया था। इनमें से एक प्राथमिकी एक नवंबर, 1984 को जनकपुरी में हुई उस घटना से संबंधित थी, जिसमें सोहन सिंह नामक एक व्यक्ति और उनके दामाद अवतार सिंह की हत्या कर दी गयी थी। दूसरी प्राथमिकी दो नवंबर, 1984 को विकासपुरी में हुई हिंसा से जुड़ी थी, जिसमें कथित तौर पर एक अन्य व्यक्ति गुरचरण सिंह को आग के हवाले कर दिया गया था। सज्जन कुमार इस समय जेल में बंद हैं और पिछले साल 25 फरवरी को एक अन्य मामले में सुनायी गयी उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। वह मामला सरस्वती विहार इलाके में जसवंत सिंह और उनके पुत्र तरुणदीप सिंह की हत्या से संबंधित था। निचली अदालत ने तब यह उल्लेख किया था कि यह मामला उसी घटनाक्रम का हिस्सा था, जिसके लिए सज्जन कुमार को 17 दिसंबर, 2018 को दिल्ली उच्च न्यायालय ने पालम कॉलोनी में पांच लोगों की हत्या के लिए दोषी ठहराया था। गौरतलब है कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद भडक़े सिख विरोधी दंगों की जांच के लिए गठित नानावती आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में कुल 587 प्राथमिकी दर्ज की गयीं थी, जिनमें 2,733 लोगों की जान गयी थी। इनमें से करीब 240 मामलों को साक्ष्य के अभाव में बंद कर दिया गया , जबकि लगभग 250 मामलों में आरोपी बरी हुए और केवल 28 प्राथमिकियों में ही सजा सुनायी जा सकी। अब तक कुल 400 के करीब लोगों को दोषी ठहराया गया है, जिनमें से लगभग 50 लोगों को हत्या के अपराध में सजा मिली है।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
en_USEnglish