ऋषिकेश में एमडीडीए का अवैध इमारतों पर चला सीलिंग का चाबुक, बिल्डरों में हड़कंप

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देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माणों के खिलाफ एक बार फिर कड़ा रुख अपनाते हुए ऋषिकेश क्षेत्र में बड़ा अभियान चलाया। प्राधिकरण क्षेत्र के अंतर्गत सलान गांव और निर्मल बाग इलाके में किए जा रहे अवैध बहुमंजिला भवनों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। संयुक्त सचिव गौरव चटवाल और एसडीएम ऋषिकेश के निर्देशों के बाद प्रवर्तन टीम ने मौके पर पहुंचकर एक के बाद एक निर्माणों को सील किया। इस कार्रवाई से अवैध निर्माण करने वालों में हड़कंप मच गया है। अभियान की शुरुआत सलान गांव भगवंतपुर से हुई, जहां करन गुप्ता द्वारा बिना अनुमति के बहुमंजिला भवन का निर्माण किया जा रहा था। प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माण को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृत मानचित्र के किसी भी प्रकार का निर्माण पूरी तरह अवैध है और इस पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

इसके बाद टीम ने निर्मल बाग ब्लॉक-बी लेन नंबर 10 में व्यापक स्तर पर अभियान चलाया। यहां एक ही इलाके में कई अवैध निर्माण चिन्हित किए गए थे। अजय चौहान, रवि गुप्ता, विजय रावत और प्रवीन रमन समेत कई लोगों द्वारा किए जा रहे बहुमंजिला निर्माणों को सील किया गया। प्राधिकरण की टीम ने सगुन शर्मा, विजय नायर, अमन नायर, विवेक नायर और अजय नायर के निर्माणाधीन भवनों पर भी कार्रवाई करते हुए उन्हें सील कर दिया। अधिकारियों के अनुसार इन सभी निर्माणों में मानचित्र स्वीकृति और निर्माण मानकों का उल्लंघन पाया गया।

पूरी कार्रवाई एमडीडीए की गठित प्रवर्तन टीम द्वारा की गई, जिसमें सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, सुरजीत सिंह, अवर अभियंता मनीष डिमरी, अमित भारद्वाज, प्रवेश नौटियाल, हर्षित मौठानी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए पुलिस बल भी तैनात रहा। इसके अलावा सहायक अभियंता शैलेन्द्र सिंह रावत और अवर अभियंता सचिन कुमार की निगरानी में सलान गांव की कार्रवाई सफलतापूर्वक संपन्न कराई गई।

एमडीडीए का यह अभियान साफ संकेत देता है कि प्राधिकरण अब अवैध निर्माणों के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति पर काम कर रहा है। तेजी से बढ़ते शहरी विस्तार के बीच अनियोजित निर्माण न सिर्फ शहर की सूरत बिगाड़ते हैं, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी खतरा बनते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बिना मानकों के बनाए जा रहे बहुमंजिला भवन भविष्य में बड़े हादसों का कारण बन सकते हैं। ऐसे में प्राधिकरण की यह कार्रवाई शहर की व्यवस्थित विकास योजना को लागू करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। एमडीडीए के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। जिन क्षेत्रों में अवैध निर्माण की शिकायतें मिलेंगी, वहां तत्काल निरीक्षण कर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आम जनता से भी अपील की गई है कि किसी भी निर्माण कार्य को शुरू करने से पहले आवश्यक अनुमति जरूर लें।

देहरादून और ऋषिकेश जैसे शहर तेजी से विस्तार कर रहे हैं। ऐसे में अनियंत्रित निर्माण न केवल ट्रैफिक, जल निकासी और बुनियादी सुविधाओं पर दबाव बढ़ाते हैं, बल्कि आपदा के समय जोखिम भी कई गुना बढ़ा देते हैं। एमडीडीए का यह अभियान इसी चुनौती से निपटने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर प्रवर्तन टीम को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। जो लोग बिना मानचित्र स्वीकृति के बहुमंजिला भवन बना रहे हैं, उनके खिलाफ सीलिंग, ध्वस्तीकरण और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम जनता से अपील की कि निर्माण शुरू करने से पहले सभी आवश्यक अनुमतियां अवश्य लें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि ऋषिकेश क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि जिन निर्माणों में मानकों का उल्लंघन पाया जा रहा है, उन्हें चिन्हित कर तत्काल कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की टीम पूरी मुस्तैदी के साथ क्षेत्र में निगरानी कर रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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