प्रधानमंत्री के सपनों का उत्तराखंड बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री धामी

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देहरादून: मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के सपनों का उत्तराखंड बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए विकल्प रहित संकल्प का मंत्र लेकर 2025 का विजन तैयार किया जा रहा है।

यह बातें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित मुख्यमंत्री परिषद की बैठक में प्रतिभाग करते हुए कहीं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक होने के सपने को साकार करने के लिए 2025 और 2030 का दृष्टिपत्र तैयार किया जा रहा है। इस विजन प्लान के अन्तर्गत राज्य के सकल घरेलू उत्पाद को प्रतिवर्ष 15 प्रतिशत वृद्धि दर के माध्यम से आगामी 05 वर्षों में दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

उत्तराखंड राज्य के विजन प्लान को साकार करने के लिए इस वित्तीय वर्ष में पूंजीगत व्यय को विगत वर्ष के बजट के सापेक्ष 13 प्रतिशत से बढ़ाकर 17 प्रतिशत कर दिया गया है। इस वृद्धि के परिणाम स्वरूप राज्य ने भारत सरकार द्वारा अपेक्षित पूंजीगत व्यय को राज्य की राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 4 प्रतिशत करने का लक्ष्य प्राप्त कर लिया है। इसी श्रृंखला में राज्य की आर्थिक गति को शक्ति देने के लिए आगामी 05 वर्षों में बाह्य सहायता के माध्यम से लगभग 25000 करोड़ की आधारभूत संरचनाएं विकसित की जाएंगी।

राज्य में निवेश अनुकूल वातावरण के लिए सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से उद्योगों को विभिन्न विभागों की अनुमतियां तेज गति से दी जा रही है। भारत सरकार की ओर से राज्य को इज ऑफ डूईंग बिजनेस रैंकिंग में एचीवर्स की श्रेणी में चयनित किया गया है।

राज्य में रोजगार उन्मुखी योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री नैनो योजना के माध्यम से अब तक 600 करोड़ से अधिक का निजी निवेश आकर्षित कर एक लाख से अधिक नवीन रोजगार के अवसर सृजित किए गए हैं। उत्तराखंड राज्य प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अन्तर्गत देश के अग्रणी राज्यों में निरन्तर सम्मिलित है। देश के कुल स्टार्टअप का 10वां भाग यहां स्थित है।

चार धाम की तर्ज पर कुमाऊं मण्डल में मानस खण्ड मन्दिर माला एवं 13 जनपद, 13 गन्तव्य जैसी नवीन योजनाओं के माध्यम से उत्तराखंड को देश का शीर्ष पर्यटन केन्द्र बनाने के सशक्त प्रयास किये जा रहे हैं।मानसखण्ड मंदिर माला के तहत कुमाऊं के प्रमुख मंदिरों को बेहतर सड़कों से कनेक्ट किया जाएगा। गढ़वाल और कुमाऊं के बीच रोड कनेक्टिविटी भी सुधारी जाएगी। इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों से तत्काल उनके जनपदों के प्रमुख मंदिरों और पर्यटन स्थलों की रिपोर्ट मांगी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड ने अपने सीमित संसाधनों के बावजूद विगत वर्ष में निर्यात पर फोकस कर लगभग 17000 करोड़ का निर्यात किया है, जिसमें फार्मा सेक्टर का विशेष योगदान है। उत्तराखंड के परम्परागत खाद्यान्न जैसे मडुवा, झिंगोरा का निर्यात किया गया।

प्रधानमंत्री की प्रेरणा से अमृत सरोवर, योजना के द्वारा जल प्रबन्धन एवं मत्स्य उत्पादन में राज्य निरन्तर प्रगति कर रहा है। अमृत सरोवर योजना के अन्तर्गत प्रदेश के 13 जनपदों में 1240 अमृत सरोवर बनाने का निश्चय किया गया है। जिनमें से 939 अमृत सरोवरों में कार्य प्रारम्भ हो गया और 2022 तक 375 अमृत सरोवरों में कार्य पूर्ण हो जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गोवा के बाद उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य है जहां समान नागरिक आचार संहिता को लागू करने के उद्देश्य के लिए तीव्र गति से कार्य किया है। इस विषय पर राज्य सरकार की ओर से 27 मई 2022 को पांच सदस्यों की कमेटी का गठन किया जा चुका है। कमेटी अभी तक दो बैठकें कर चुकी हैं। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अन्तर्गत 4457 ऑगनबाड़ी केन्द्र जो प्राथमिक विद्यालय परिसर में ही स्थापित थे। उनमें माह जुलाई 2022 में बाल वाटिका की स्थापना की जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि राज्य द्वारा प्रौद्योगिकी का उपयोग कर जीएसटी संग्रहण में वृद्धि के प्रयास किये जा रहे हैं। राष्ट्रीय ड्रोन नीति के अन्तर्गत उत्तराखंड राज्य में ड्रोन रिसर्च सेंटर की स्थापना की जा चुकी है।

उत्तराखंड राज्य की सीमाएं संवेदनशील हैं। ऐसे में राज्य के सीमान्त जनपदों में एनसीसी का विस्तार योजनाबद्ध तरीके से कर राज्य की 35951 नियमित सीटों के अतिरिक्त 4007 सीटें उपलब्ध कराई गई है। इस बार करीब 28 लाख लोगों ने चारधाम यात्रा में प्रतिभाग लिया।

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