लोकतंत्र पर मंडराता खतरा: किन्नौर में कांग्रेस का फूटा गुस्सा, मुख्य चुनाव आयुक्त, शाह व मोदी का पुतला फूंककर बोला जोरदार हमला
रिकांगपियो (किन्नौर): देश में चुनावी व्यवस्था और निष्पक्षता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। जिला कांग्रेस कमेटी किन्नौर के बैनर तले आज जिला मुख्यालय रिकांगपियो में एक विशाल और आक्रोशित धरना प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस जिला अध्यक्ष नेगी निगम भंडारी की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ हुंकार भरी। प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार गुप्ता, गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया गया, जिससे पूरा इलाका सरकार विरोधी नारों से गूंज उठा।
उपस्थित कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष निगम भंडारी ने केंद्र की मोदी सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार गुप्ता पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि देश में “वोट चोरी” की जा रही है, जो सीधे तौर पर लोकतंत्र की हत्या है और यह सब मोदी, शाह और ज्ञानेश कुमार की तिकड़ी की शह पर हो रहा है।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट और राहुल गांधी के आरोपों पर मुहर
निगम भंडारी ने राहुल गांधी के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पिछले लंबे समय से चुनाव आयोग के माध्यम से हो रही धांधलियों और ‘वोट चोरी’ का पर्दाफाश करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट ने राहुल गांधी के उन तमाम आरोपों को बिल्कुल सच साबित कर दिया है। SIR को लेकर दो चुनाव आयुक्तों की 14 लिखित आपत्तियां सामने आना, एक ही दिन में चार बार आपत्तियों की रिपोर्ट आना और युवा मतदाताओं के नाम न जोड़ने जैसी गंभीर शिकायतों ने राहुल गांधी के उन दावों को पूरी तरह पुष्ट कर दिया है, जो उन्होंने अपनी बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस में देश के सामने रखे थे।

–नियुक्ति प्रक्रिया बदलने से लेकर सुरक्षा कवच तक के गंभीर आरोप
जिला अध्यक्ष ने केंद्र सरकार पर संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए सिलसिलेवार खुलासे किए। उन्होंने बताया कि सबसे पहले मोदी सरकार ने मुख्य चुनाव आयुक्त को चुनने वाली कमेटी से सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को बाहर कर दिया और उनकी जगह अपने कैबिनेट मंत्री को शामिल कर लिया। इसके बाद, राहुल गांधी की कड़ी असहमति को दरकिनार करते हुए ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर बैठाया गया। जनता का न्यायपालिका और लोकतंत्र से विश्वास न उठे, इसलिए मोदी सरकार ने दोनों सदनों से विपक्ष के 141 सांसदों को सुनियोजित तरीके से निलंबित करवा दिया और संसद में विपक्ष की गैर-मौजूदगी का फायदा उठाकर ऐसा कानून बना डाला कि चुनाव आयोग चाहे कुछ भी कर ले, चुनाव आयुक्त की गिरफ्तारी नहीं हो सकती।
–सवालों से भागने और अभद्र बकवास का आरोप
निगम भंडारी ने कड़े शब्दों में कहा कि जब राहुल गांधी ने चुनावों की पारदर्शिता के लिए केंद्र की सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की, तो मुख्य चुनाव आयुक्त ने मां, बहन, बहू और बेटियों की अस्मिता की आड़ लेकर बेतुके बयान दिए और जनता के सवालों से बच निकले। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज स्थिति यह हो गई है कि चुनाव आयोग के बचाव में खुद भारतीय जनता पार्टी के नेता मैदान में उतरकर जवाब दे रहे हैं।
–आर-पार की चेतावनी ज्ञानेश कुमार का जाना और हटना तय
अपने संबोधन के अंत में निगम भंडारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अब परिस्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं। देश के संविधान और लोकतंत्र के साथ जिस तरह का खिलवाड़ ज्ञानेश कुमार ने किया है, उनका पद से हटना अब पूरी तरह तय है। कांग्रेस पार्टी ने स्पष्ट तौर पर मांग की है कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त को तुरंत उनके पद से हटाया नहीं गया और इस ‘वोट चोरी’ के खेल की निष्पक्ष जांच कर गिरफ्तारी नहीं हुई, तो कांग्रेस पार्टी पूरे देश में अपने इस विरोध प्रदर्शन को और अधिक उग्र रूप देगी।
