लॉन्च हुआ वर्ल्ड ‘शांति बोर्ड’, UN को साथ लेकर अमेरिका संभालेगा शांति दूत की कमान

2
0 0
Read Time:3 Minute, 14 Second

वाशिंगटन: अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को स्विट््जरलैंड के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच की बैठक के दौरान अपने बहुप्रतीक्षित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ (शांति बोर्ड) का औपचारिक अनावरण किया। राष्ट्रपति ट्रंप ने ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के फाउंडिंग चार्टर पर साइन किए। यूनाइटेड नेशन के तर्ज पर बनाए गए इस बोर्ड का शुरुआती फोकस गाजा पर होगा, लेकिन इसका विस्तार दुनियाभर के विवादों को सुलझाने के लिए हो सकता है। इसमें पाकिस्तान समेत कई देशों ने सदस्य बनने के लिए सहमति दी है।हस्ताक्षर समारोह के दौरान ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यद्यपि उन्होंने अतीत में यूएन की आलोचना की है, लेकिन वह चाहते हैं कि उनका यह नया बोर्ड संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर काम करे।

उन्होंने कहा कि एक बार जब यह बोर्ड पूरी तरह से गठित हो जाएगा, तो हम जो चाहें कर सकेंगे और हम इसे संयुक्त राष्ट्र के साथ तालमेल बिठाकर करेंगे। ट्रंप ने अपने संबोधन में गाजा संघर्ष को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए हमास को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि हमास को अपने हथियार डालने होंगे, अन्यथा उनका अंत निश्चित है। अगर यह संगठन अपने हथियार त्यागने पर सहमत नहीं होता, तो इसे उड़ा दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि इजरायल-गाजा युद्ध अब अपने समाप्ति की ओर है और उनका शांति बोर्ड गाजा के पुनर्निर्माण तथा वहां एक स्थायी शांति व्यवस्था कायम करने में मुख्य भूमिका निभाएगा।

बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने के लिए अमरीका ने भारत को भी न्योता दिया था, लेकिन भारत ने इससे दूरी बना ली। भारत के अलावा फ्रांस, ब्रिटेन, चीन, जर्मनी और कई अन्य प्रमुख देश भी न्योते के बावजूद ‘शांति बोर्ड’ के अनावरण समारोह से नदारद रहे। वहीं साइन सेरेमनी के दौरान कुल 22 देशों ने इस चार्टर पर साइन किए। पीस बोर्ड पर साइन करने वाले देशों में अमरीका, बहरीन, मोरक्को, अर्जेंटीना, आर्मेनिया, अजरबैजान, बेल्जियम, बुल्गारिया, मिस्र, हंगरी, इंडोनेशिया, जॉर्डन, कजाकिस्तान, कोसोवो, मंगोलिया, पाकिस्तान, पराग्वे, कतर, सऊदी अरब, तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात और उज्बेकिस्तान हैं।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

You may have missed

en_USEnglish