राज्यपाल ने आईटी सचिव के साथ एआई मिशन की भावी कार्ययोजना पर किया मंथन

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देहरादूनः राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से आज लोक भवन में सचिव, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, उत्तराखण्ड नितेश कुमार झा ने अपनी टीम के साथ शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उत्तराखण्ड एआई मिशन की प्रगति, वर्तमान पहलों एवं भावी कार्ययोजना पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।

सचिव, आईटी विभाग ने राज्यपाल को अवगत कराया कि राज्य सरकार द्वारा सभी विभागों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के प्रभावी और चरणबद्ध उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य शासन व्यवस्था में पारदर्शिता लाना, निर्णय-प्रक्रिया को अधिक सटीक बनाना तथा सेवाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता में सुधार करना है। उन्होंने बताया कि एआई आधारित समाधान स्थानीय शासन को सशक्त बनाने, डेटा-आधारित नीतिगत निर्णय लेने तथा नागरिक-केंद्रित सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि वर्ष 2026 को एआई क्रांति के निर्णायक वर्ष के रूप में जाना जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तराखण्ड के पास इस परिवर्तनकारी तकनीक के क्षेत्र में नेतृत्व करने की पूर्ण क्षमता है। राज्य की युवा प्रतिभा, शैक्षणिक संस्थानों, तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र और प्रशासनिक इच्छाशक्ति के समन्वय से उत्तराखण्ड एआई आधारित सुशासन का एक सशक्त मॉडल प्रस्तुत कर सकता है।

राज्यपाल ने यह भी कहा कि तकनीक का उद्देश्य केवल नवाचार नहीं, बल्कि जन-कल्याण होना चाहिए। एआई का उपयोग मानवीय संवेदनाओं, नैतिक मूल्यों और पारंपरिक प्रशासनिक विवेक के साथ संतुलित रूप में किया जाना आवश्यक है, ताकि विकास समावेशी, टिकाऊ और भरोसेमंद बन सके।

भेंट के दौरान भविष्य में अकादमिक संस्थानों, स्टार्ट-अप्स और सरकारी विभागों के बीच सहयोग को और सुदृढ़ करने, क्षमता-निर्माण कार्यक्रमों को विस्तार देने तथा उत्तराखण्ड को उत्तर भारत में एआई नवाचार के केंद्र के रूप में विकसित करने पर भी चर्चा हुई।

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