संकटमोचन की विशेष कृपा: शनिवार और मंगलवार को हनुमान आराधना का विशेष महत्व, बाधाओं से मुक्ति दिलाता है सुंदरकांड का पाठ

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सनातन धर्म में शनिवार और मंगलवार का दिन भगवान हनुमान की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना गया है. विशेष रूप से शनिवार के दिन हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करने से जीवन की बड़ी से बड़ी बाधाएं भी दूर होने लगती हैं. यह पाठ न केवल भय और संकट को हरता है, बल्कि मन को भी शांति और साहस से भर देता है| सुंदरकांड के दोहे जो बदल देते हैं भाग्य: रामचरितमानस के सुंदरकांड में ऐसे अनेक दिव्य दोहे हैं, जिनका नियमित पाठ करने से असंभव भी संभव हो जाता है. शास्त्रों में कहा गया है कि इन दोहों की शक्ति से समुद्र भी छोटा लगने लगता है और विष अमृत के समान प्रभाव देने लगता है. सुंदरकांड का पाठ आत्मबल बढ़ाता है और जीवन में नई ऊर्जा का संचार करता है|

श्रीराम की कृपा से बनते हैं सभी कार्य: भगवान श्रीराम हनुमान जी के आराध्य देव हैं. जब साधक राम नाम को हृदय में धारण कर हनुमान जी का स्मरण करता है, तब संकट स्वतः ही दूर होने लगते हैं. हनुमान जी को संकटमोचक इसलिए कहा जाता है क्योंकि वे अपने भक्तों की हर परीक्षा में रक्षा करते हैं| संकट मुक्ति के लिए शनिवार और मंगलवार का सरल उपाय: यदि आप जीवन में किसी भी प्रकार के संकट, भय, रोग या मानसिक परेशानी से जूझ रहे हैं, तो शनिवार और मंगलवार के दिन श्रद्धा भाव से हनुमान चालीसा का पाठ करें. पाठ के बाद नीचे दिए गए सुंदरकांड के दोहे का जप अवश्य करें|

मंत्र/दोहा: प्रबिसि नगर कीजे सब काजा। हृदयं राखि कोसलपुर राजा॥ गरल सुधा रिपु करहिं मिताई। गोपद सिंधु अनल सितलाई॥ आस्था और विश्वास से बदलता है जीवन: इन पंक्तियों का जाप करते समय भगवान श्रीराम को हृदय में स्थान दें और हनुमान जी से संकट हरने की प्रार्थना करें. श्रद्धा और विश्वास के साथ किया गया यह पाठ जीवन की कठिन से कठिन परिस्थितियों को भी सरल बना देता है|

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