उत्तराखंड के संस्कृत छात्रों को विदेश में रोजगार: केंद्रीय विदेश सचिवों से हुई चर्चा

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नई दिल्ली: संस्कृत शिक्षा सचिव दीपक गैरोला ने दो केंद्रीय सचिवों से उत्तराखंड के संस्कृत विद्यार्थियों को विदेशों में रोजगार से जोड़ने संबंधी चर्चा की।

सचिव दीपक कुमार ने सर्वप्रथम पूर्वी देशों में संस्कृत भाषा की स्थिति एवं भविष्य की दिशा के संबंध में विदेश सचिव (पूर्व) पी कुमारन से उनके कार्यालय में विस्तृत चर्चा की।

सचिव संस्कृत शिक्षा ने विदेश सचिव (दक्षिण) नीना मल्होत्रा से भी भेंट कर उत्तराखंड सरकार द्वारा संस्कृत के प्रचार-प्रसार हेतु किए जा रहे कार्यों पर चर्चा की और विश्व में संस्कृत जिज्ञासु देशों की जानकारी साझा करने हेतु अनुरोध किया।

दोनों सचिवों ने उत्तराखंड सरकार से अनुरोध किया कि वे संबंधित देशों के राजदूतों/उच्चायुक्तों को भेजे जाने हेतु एक पत्र प्रेषित करें, ताकि संस्कृत छात्रों को रोजगार मुहैया कराने की दिशा में आगे कार्य किया जा सके।

अंतरराष्ट्रीय संस्कृत सम्मेलन का प्रस्ताव

विदेश सचिव (दक्षिण) ने बताया कि 24-25 नवंबर 2025 को कुरुक्षेत्र डेवलपमेंट बोर्ड द्वारा अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव आयोजित किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न देशों के संस्कृत विद्वान सम्मिलित होंगे। उन्होंने सुझाव दिया कि उत्तराखंड सरकार एवं उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय नवंबर 2025 में एक अंतरराष्ट्रीय संस्कृत सम्मेलन आयोजित कर सकते हैं।

इस सम्मेलन में विदेश से आने वाले विद्वानों का यात्रा व्यय भारत सरकार वहन करेगी, जबकि स्थानीय व्यय विश्वविद्यालय वहन करेगा। इस सेमिनार से उत्तराखंड के संस्कृत विद्वान अंतरराष्ट्रीय संस्कृत विद्वानों से परिचित होंगे और वैश्विक स्तर पर संस्कृत भाषा का प्रचार-प्रसार होगा।

सचिव संस्कृत शिक्षा ने इस प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त करते हुए शीघ्र ही इसे विदेश मंत्रालय को प्रेषित करने का आश्वासन दिया।

इससे पूर्व सचिव दीपक कुमार ने कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग, उत्तराखंड शासन द्वारा प्रकाशित केंद्र एवं राज्य सरकार से संबंधित योजनाओं की पुस्तक “मेरी योजना” भेंट की।

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