पार्कर सोलर प्रोब ने सूर्य के पास से अपनी 25वीं ऐतिहासिक उड़ान पूरी की
नासा : नासा के अग्रणी पार्कर सोलर प्रोब ने गुरुवार, 18 सितंबर को सूर्य के पास से अपनी 25वीं उड़ान पूरी करके इतिहास रच दिया। इस उड़ान के दौरान, यह अंतरिक्ष यान मैरीलैंड के लॉरेल स्थित जॉन्स हॉपकिन्स एप्लाइड फिजिक्स लैबोरेटरी (एपीएल) के उड़ान नियंत्रकों के साथ संपर्क में नहीं था और इसने स्वायत्त रूप से (खुद ही) काम किया।
उड़ान की मुख्य बातें:
रिकॉर्ड गति: इस मिशन के दौरान, प्रोब ने 687,000 किलोमीटर प्रति घंटे की अपनी रिकॉर्ड गति की बराबरी की। यह गति इतनी तेज है कि इस गति से दिल्ली से न्यूयॉर्क की दूरी सिर्फ 61 सेकंड में तय की जा सकती है।
उद्देश्य: नासा इन उड़ानों का उपयोग सौर वायु और सौर गतिविधियों के ‘अद्वितीय माप’ एकत्र करने के लिए कर रहा है, खासकर जब सूर्य अपने 11-वर्षीय चक्र के अधिक सक्रिय चरण में है।
डेटा ट्रांसफर: इस उड़ान से प्राप्त डेटा को मंगलवार से पृथ्वी पर भेजा जाएगा।
वैज्ञानिकों के लिए महत्व:
नासा ने एक बयान में कहा कि पार्कर सोलर प्रोब द्वारा किए गए अवलोकन सूर्य और अंतरिक्ष में होने वाली उच्च-ऊर्जा की घटनाओं को समझने के लिए महत्वपूर्ण हैं। ये घटनाएँ अंतरिक्ष यात्रियों, उपग्रहों, हवाई यात्राओं और यहाँ तक कि पृथ्वी पर बिजली ग्रिड के लिए भी खतरा पैदा कर सकती हैं।
पार्कर सोलर प्रोब वैज्ञानिकों को सूर्य के कुछ सबसे बड़े रहस्यों को सुलझाने में मदद कर रहा है, जैसे:
सौर वायु कैसे उत्पन्न होती है।
सूर्य का कोरोना उसकी सतह से अधिक गर्म क्यों होता है।
कोरोनाल मास इजेक्शन (अंतरिक्ष में फेंके जाने वाले प्लाज्मा के विशाल बादल) कैसे बनते हैं।
पार्कर सोलर प्रोब के बारे में:
पार्कर सोलर प्रोब को नासा के ‘लिविंग विद अ स्टार (LWS)’ कार्यक्रम के तहत 2018 में लॉन्च किया गया था। यह धीरे-धीरे सूर्य के करीब जा रहा है और शुक्र के गुरुत्वाकर्षण का उपयोग करके अपनी कक्षा को छोटा कर रहा है, ताकि यह सूर्य के और करीब जा सके।
