फिलीपींस में विनाशकारी भूकंप, 19 की मौत
मनीला। फिलीपींस में सोमवार की सुबह 7.8 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे हुए हादसों में अब मरने वालों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है। वहीं घायलों की संख्या 200 से हैं। बीबीसी रिपोर्ट के अनुसार, फिलीपींस के नागरिक रक्षा कार्यालय के निदेशक रोड्रिगो सोस्मेना के अनुसार, इनमें से 12 लोगों की मौत ‘सोक्सकसारगेन’ क्षेत्र में हुई है। यह क्षेत्र चार प्रांतों और एक शहर दक्षिण कोटाबाटो, सुल्तान कुदरात, सारंगानी और जनरल सैंटोस सिटी तक फैला हुआ है। भूकंप में देश के एक दक्षिणी शहर में कई इमारतें और एक मुख्य संपर्क पुल क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि इसके बाद उठी तीन फुट ऊंची सुनामी ने नजदीकी तटीय क्षेत्रों में दहशत फैला दी।
भूकंप के झटके आने के करीब पांच घंटे बाद प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र ने कहा कि सुनामी का खतरा अब काफी हद तक टल गया है। फिलीपीन ज्वालामुखी और भूकंप विज्ञान संस्थान के अनुसार, सुल्तान कुदरत और सारंगनी के फिलीपीन प्रांतों में जमीन पर बने सुनामी निगरानी केंद्रों ने तीन फुट ऊंची लहरें दर्ज कीं।
चेतावनी केंद्र ने हालांकि खतरे को काफी हद तक टला हुआ बताया है, लेकिन लोगों से सतर्क रहने और स्थानीय अधिकारियों की चेतावनियों पर ध्यान देने का आग्रह किया है, क्योंकि अगले कुछ घंटों तक समुद्र के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। फिलीपींस के अलावा, इंडोनेशिया और मलेशिया के समुद्र में भी हलचल देखी गई, हालांकि यहां छोटी लहरें दर्ज की गईं।
इस भूकंप ने दक्षिणी फिलीपींस में इमारतों और अवसरंचना को काफी नुकसान पहुंचाया है, हालांकि सुनामी से हुए नुकसान की स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी है। श्री टेरेसिटो बैकोलकोल ने कहा, “यह एक बड़ा भूकंप है और बड़े नुकसान की आशंका है। सामने आये वीडियो के आधार पर हमने कुछ क्षतिग्रस्त इमारतों को पहले ही देखा है।”
भूकंप के तुरंत बाद फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने कहा कि आपदा राहत बल और एजेंसियां राहत कार्य के लिए पूरी तरह तैयार हैं। श्री मार्कोस ने कहा, ” राष्ट्रीय सरकार पूरी मुस्तैदी से काम कर रही है और हम लोगों को इस संकट में नहीं छोड़ नहीं देंगे।” फिलीपींस समय के अनुसार, सोमवार सुबह सात बजकर 37 मिनट पर आये इस भूकंप के बाद कई और भूकंप के झटके महसूस किये गये, जिनकी तीव्रता 6.1 तक दर्ज की गई।
ज्वालामुखी और भूकंप विज्ञान संस्थान के अनुसार, यह भूकंप 6.2 मील की गहराई पर कोटाबाटो ट्रेंच में हुई हलचल के कारण आया। भूकंप इतना जबरदस्त था कि एपिसेंटर से 124 मील से अधिक दूर स्थित इंडोनेशिया के उत्तरी सुलावेसी प्रांत में भी इसे महसूस किया गया। दुनिया के सबसे आपदा-संभावित देशों में से एक, फिलीपींस प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ पर स्थित होने के कारण अक्सर भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोटों की चपेट में आता रहता है, जो महासागर के चारों ओर भूकंपीय फॉल्ट्स का एक क्षेत्र है। इसके अलावा, इस द्वीप समूह को हर साल लगभग 20 चक्रवात और उष्णकटिबंधीय तूफानों का सामना करना पड़ता है।
