चीन की ‘दोस्ती की पहल’: भारत के साथ मिलकर काम करने को तैयार, मतभेदों को सुलझाने का दिया भरोसा

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बीजिंग: अमरीका से टैरिफ विवाद के चलते संबंधों में आई गिरावट के बीच भारत और चीन एक बार फिर से करीब आने लगे हैं। चीनी विदेश मंत्री वांग यी की जल्द ही भारत का दौरा होने वाला है, जबकि एससीओ की बैठक में शामिल होने के लिए पीएम मोदी भी चीन जाएंगे। इस बीच, चीन ने भारत के साथ मिलकर काम करने की बात कही है। उसने कहा है कि वह भारत के साथ मतभेदों को सही तरीके से सुलझाकर मिलकर काम करने के लिए तैयार है। चीनी विदेश मंत्री वांग यी की भारत यात्रा पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि चीन और भारत विभिन्न स्तरों पर बातचीत कर रहे हैं।

हम दोनों देशों के नेताओं के बीच बनी महत्वपूर्ण आम सहमति पर अमल करने, उच्च-स्तरीय आदान-प्रदान की गति बनाए रखने, राजनीतिक आपसी विश्वास को मजबूत करने, व्यावहारिक सहयोग बढ़ाने, मतभेदों को उचित ढंग से सुलझाने और चीन-भारत संबंधों के निरंतर, सुदृढ़ और स्थिर विकास को बढ़ावा देने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं। इस विशिष्ट यात्रा के बारे में, प्रासंगिक जानकारी समय आने पर जारी की जाएगी। भारत से चीन के लिए अगले महीने से सीधी उड़ानें फिर से शुरू होने वाली है। अगस्त और सितंबर में होने वाले शंघाई सहयोग शिखर सम्मेलन के समय इसकी घोषणा हो सकती है। इस सवाल से जुड़े जवाब में चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि हमने संबंधित रिपोर्टें देखी हैं। चीन और भारत की कुल जनसंख्या 2.8 अरब से अधिक है। चीनी मुख्य भूमि और भारत के बीच सीधी उड़ानें फिर से शुरू होने से सीमा पार यात्रा, आदान-प्रदान और सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।

दोनों देश ग्लोबल साउथ के अहम सदस्य
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि चीन और भारत दोनों बड़े विकासशील देश हैं और ग्लोबल साउथ के अहम सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि ड्रैगन (चीन) और हाथी (भारत) का एक-दूसरे की सफलता में सहयोगी बनकर सहयोग करना दोनों पक्षों के लिए सही विकल्प है। लिन जियान का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत और अमरीका के संबंधों में हाल ही में कुछ मतभेद और चुनौतियां देखी गई हैं।

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