सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की अभिनेता दर्शन की जमानत, कहा- ‘हाईकोर्ट के आदेश में थीं गंभीर खामियां’

2
0 0
Read Time:2 Minute, 20 Second

दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने रेणुकास्वामी हत्या मामले में अभिनेता दर्शन को दी गई जमानत बृहस्पतिवार को रद्द कर दी। न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति आर महादेवन की पीठ ने कर्नाटक उच्च न्यायालय के आदेश को यह कहते हुए रद्द कर दिया कि इसमें कई खामियां हैं। पीठ ने कहा, ‘‘हमने हर पहलू पर विचार किया। जमानत देने और उसे रद्द करने पर भी…। यह स्पष्ट है कि उच्च न्यायालय के आदेश में गंभीर खामियां हैं और यह एक यांत्रिक तरीके को दर्शाता है। इसके अलावा उच्च न्यायालय ने सुनवाई से पहले के चरण में ही समीक्षा शुरू कर दी।’’

पीठ ने कहा, ‘‘अधीनस्थ अदालत ही उचित मंच है। पुख्ता आरोपों और फोरेंसिक साक्ष्यों से जमानत रद्द करने के आधार की पुष्टि होती है। याचिकाकर्ता की जमानत रद्द की जाती है।’’ यह फैसला दर्शन और सह-आरोपियों को जमानत देने के राज्य उच्च न्यायालय के 13 दिसंबर, 2024 के आदेश के खिलाफ कर्नाटक सरकार द्वारा दायर याचिका पर सुनाया गया।

दर्शन पर अभिनेत्री पवित्रा गौड़ा और कई अन्य लोगों के साथ मिलकर 33 वर्षीय रेणुकास्वामी नामक एक प्रशंसक का अपहरण करने और उसे प्रताड़ित करने का आरोप है। रेणुकास्वामी ने पवित्रा को कथित तौर पर अश्लील संदेश भेजे थे। पुलिस ने आरोप लगाया कि रेणुकास्वामी को जून 2024 में तीन दिन तक बेंगलुरु के एक ‘शेड’ में रखा गया, प्रताड़ित किया गया और उसका शव एक नाले से बरामद हुआ। शीर्ष अदालत ने 24 जनवरी को राज्य सरकार की याचिका पर दर्शन, गौड़ा और अन्य को इस मामले में नोटिस जारी किए थे।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
en_USEnglish