चिनूक हेलीकॉप्टर ने भरा उड़ान: धराली के लिए जेनसेट ले जाते हुए राहत कार्यों में तेजी

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देहरादून: उत्तराखंड के धराली में आई भीषण आपदा के बाद राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी है। धराली और गंगोत्री जैसे प्रभावित क्षेत्रों में सड़क संपर्क टूट जाने के कारण भारतीय वायुसेना (IAF) ने मोर्चा संभाल लिया है। इस काम में चिनूक हेलीकॉप्टर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

चिनूक हेलीकॉप्टर को देहरादून के जॉलीग्रांट एयरपोर्ट से आपदा प्रभावित क्षेत्र धराली भेजा गया है। इसका मुख्य उद्देश्य भारी उपकरण और जेनसेट जैसी आवश्यक सामग्री को हवाई मार्ग से पहुंचाना है। सड़क मार्ग बाधित होने के कारण यह हेलीकॉप्टर ही एकमात्र जरिया है, जिससे राहत कार्यों में तेजी लाई जा सकती है।

चिनूक अपनी भारी-भरकम वहन क्षमता के लिए जाना जाता है, जिससे वह आसानी से जेनसेट जैसी भारी मशीनरी को आपदाग्रस्त इलाकों में पहुंचा सकता है। इसके अलावा, हेलीकॉप्टर का उपयोग फंसे हुए लोगों को निकालने और एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीमों को भी वहां तक पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। अब तक, चिनूक और MI-17 हेलीकॉप्टरों की मदद से 70 से अधिक लोगों को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू कर जॉलीग्रांट एयरपोर्ट लाया जा चुका है।

इस पूरी प्रक्रिया से पता चलता है कि सरकार और प्रशासन आपदा प्रभावितों तक जल्द से जल्द मदद पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं, ताकि किसी भी प्रभावित व्यक्ति को परेशानी न हो।

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