नगर निगम देहरादून के शिविर में 7 बल्क वेस्ट जनरेटरों का पंजीकरण, 50 प्रतिष्ठानों ने लिया भाग
देहरादून। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों तथा जिलाधिकारी, देहरादून के निर्देशों के अनुपालन में नगर निगम देहरादून द्वारा शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को प्रातः 11 बजे निगम कार्यालय परिसर में बल्क वेस्ट जनरेटर (BWGs) के पंजीकरण के लिए विशेष शिविर आयोजित किया गया। शिविर का उद्देश्य ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026 के प्रावधानों के प्रति संबंधित प्रतिष्ठानों को जागरूक करना, पात्र बल्क वेस्ट जनरेटरों का पंजीकरण सुनिश्चित करना तथा अपशिष्ट प्रबंधन के निर्धारित मानकों के अनुपालन को बढ़ावा देना रहा।
शिविर में देहरादून शहर के लगभग 50 प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। इनमें होटल, मॉल, बैंक्वेट हॉल सहित विभिन्न व्यावसायिक एवं संस्थागत प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि शामिल रहे। शिविर के दौरान प्रस्तुत विवरणों और साक्ष्य दस्तावेजों के आधार पर सात बल्क वेस्ट जनरेटरों का सफलतापूर्वक पंजीकरण किया गया।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के नियमों की दी गई जानकारी
शिविर में नगर निगम की स्वच्छ भारत मिशन (SBM) टीम ने उपस्थित प्रतिनिधियों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026 के प्रमुख प्रावधानों और बल्क वेस्ट जनरेटरों के दायित्वों की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान बताया गया कि ठोस अपशिष्ट का वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित प्रबंधन, कचरे का स्रोत पर पृथक्करण तथा उसके उचित संग्रहण, प्रसंस्करण और निस्तारण की व्यवस्था प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन के प्रमुख घटक हैं। प्रतिनिधियों को यह भी बताया गया कि संबंधित नियमों के तहत निर्धारित दायित्वों का पालन करना तथा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पंजीकरण और अन्य आवश्यक अनुपालन सुनिश्चित करना जरूरी है।
CPCB पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण प्रक्रिया की जानकारी
शिविर में उपस्थित विशेषज्ञों ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के पोर्टल की कार्यप्रणाली, पंजीकरण प्रक्रिया और पात्रता संबंधी मानदंडों की जानकारी दी। साथ ही, बल्क वेस्ट जनरेटर की श्रेणी निर्धारित करने के लिए लागू तीन निर्धारित मानदंडों के आधार पर प्रतिष्ठानों की पात्रता का आकलन करने के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान किया गया। नगर निगम की इस पहल का उद्देश्य व्यावसायिक एवं संस्थागत प्रतिष्ठानों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के नियमों के प्रति जागरूक करना और शहर में स्वच्छता व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए निर्धारित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करना है।
