भारत की शांति पहल पर यूक्रेन की सहमति, रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने में सक्रिय भूमिका निभा रहा भारत

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नई दिल्ली। रूस और यूके्रन के बीच चल रहा भीषण युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में यूके्रन ने रूसी ठिकानों पर सैकड़ों ड्रोन से बड़ा हमला किया, जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है। इसी बीच, यूके्रन ने भारत के शांति प्रस्ताव यानी पीस प्लान पर अपनी रजामंदी जाहिर कर दी है।

रूस और यूके्रन के बीच जारी खूनी संघर्ष को थामने के लिए भारत अब सिर्फ मूकदर्शक या शांति की अपील करने वाला देश नहीं रहा, बल्कि समाधान की मेज पर बेहद सक्रिय मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दोटूक शब्दों में साफ किया कि हाल के महीनों में भारत दोनों मुल्कों के साथ लगातार संपर्क में है और युद्ध खत्म करने के ठोस रास्तों पर बातचीत कर रहा है। यूके्रन युद्ध खत्म करने के प्रयासों को लेकर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि हाल के महीनों में भारत की भूमिका सिर्फ अपील या वकालत तक सीमित नहीं रही है, बल्कि भारत संघर्ष के समाधान के लिए सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत इस संघर्ष का अंत देखना चाहता है।

जयशंकर ने कहा कि भारत चाहता है कि रूस और यूके्रन के बीच बातचीत शुरू हो और वार्ता के जरिए समाधान निकले। उन्होंने बताया कि भारत दोनों देशों के साथ बातचीत कर रहा है और संघर्ष खत्म करने के रास्तों पर चर्चा हो रही है। विदेश मंत्री के मुताबिक, बातचीत में रूस और यूके्रन के एक-दूसरे पर हमला नहीं करने की संभावनाओं का मुद्दा भी शामिल है। इसके अलावा ब्लैक सी में जहाजों की आवाजाही को लेकर संभावनाओं पर भी चर्चा की जा रही है।

जयशंकर ने कहा कि भारत रूस और यूके्रन के साथ अनाज और ऊर्जा के निर्यात को लेकर भी बातचीत कर रहा है। भारत का संदेश है कि संघर्ष को लंबा खींचने के बजाय युद्धविराम और बातचीत के जरिए स्थायी समाधान की दिशा में आगे बढऩे की जरूरत है। रूस-यूके्रन युद्ध अब पांचवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। इस युद्ध में हजारों नागरिकों की मौत हुई है, लाखों लोग विस्थापित हुए हैं और मकानों तथा महत्त्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है।

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