हिमाचलः चौपाल में सेब उत्पादन 60 फीसदी घटा, मौसम की मार से बागवानों को बड़ा झटका

3
0 0
Read Time:3 Minute, 24 Second

किन्नौर। जिला शिमला के सेब बहुल चौपाल उपमंडल में इस वर्ष मौसम की बेरुखी ने बागवानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और बर्फबारी के कारण सेब उत्पादन में करीब 60 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है। पिछले वर्ष जहां क्षेत्र से करीब 26 लाख पेटियां सेब मंडियों तक पहुंची थीं, वहीं इस वर्ष यह आंकड़ा घटकर लगभग 10 लाख पेटियों तक सिमट गया है। पिछले 10 से 12 वर्षों में यह सेब उत्पादन का सबसे निचला स्तर बताया जा रहा है, जिससे क्षेत्र की बागवानी अर्थव्यवस्था पर भी व्यापक असर पड़ा है।

विषय विशेषज्ञ, बागवानी विभाग चौपाल, सुरेंद्र जस्टा के अनुसार मौसम में हो रहे बदलाव का सबसे अधिक असर कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों और पारंपरिक पुराने बगीचों पर पड़ा है। गोरली-मड़ावग, मकड़ोग, बमटा और माटल जैसी पंचायतों में करीब 90 प्रतिशत भूमि पर सेब की खेती होती है, लेकिन इस वर्ष इन क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ है।

इसके विपरीत ऊंचाई वाले क्षेत्रों तथा आधुनिक हाई डेंसिटी तकनीक से विकसित किए गए नए बगीचों में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रही। प्रतिकूल मौसम के बावजूद इन बगीचों में अच्छा उत्पादन हुआ है। इससे यह स्पष्ट हुआ है कि बदलती जलवायु परिस्थितियों में आधुनिक तकनीक और उन्नत बागवानी पद्धतियां सेब उत्पादन को बचाने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।

पुरानी बागवानी को बदलने पर जोर
क्षेत्र के अनुभवी बागवानों का कहना है कि लगातार बदल रहे मौसम के मिजाज को देखते हुए अब पारंपरिक बागवानी में बदलाव करना जरूरी हो गया है। बागवान आधुनिक और उन्नत किस्मों की ओर रुख कर रहे हैं। इनमें किंग रॉट, डार्क बैरन गाला, शनिको रेड, जेरोमाइन, स्कारलेट स्पर, रेड ब्लॉक्स और सुपर चीफ जैसी किस्में प्रमुख हैं।

क्या कहते हैं बागवानी विशेषज्ञ
बागवानी विशेषज्ञों के अनुसार जलवायु परिवर्तन के दौर में बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और बर्फबारी जैसी घटनाओं में हो रहे बदलाव का सीधा असर सेब उत्पादन पर पड़ रहा है। ऐसे में पुराने बगीचों को चरणबद्ध तरीके से बदलकर हाई डेंसिटी प्लांटेशन को बढ़ावा दिया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि बागवानी उत्पादन को स्थिर बनाए रखने के लिए आधुनिक तकनीक, उन्नत किस्मों और नई बागवानी पद्धतियों को अपनाना अब सबसे महत्वपूर्ण विकल्प है।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

You may have missed

en_USEnglish