हत्या मामले में सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति दोषी, अदालत ने सुनाई मौत की सजा
दमिश्क। सीरिया की एक अदालत ने मंगलवार को देश के अपदस्थ राष्ट्रपति बशर अल-असद और उनके छोटे भाई को मौत की सजा सुनाई है। यह सजा उन्हें सीरिया के 14 साल लंबे संघर्ष के दौरान मानवता के खिलाफ अपराधों और युद्ध अपराधों के लिए सुनाई गई। इस संघर्ष में लगभग पांच लाख लोग मारे गए थे। उन्हें अदालत में उनकी अनुपस्थिति में यह सजा सुनाई गई। इसी मामले में असद के ममेरे भाई आतिफ नजीब को भी मौत की सजा सुनाई गई, क्योंकि उन्होंने दक्षिणी प्रांत दारा में उस कार्रवाई का नेतृत्व किया था, जिसके कारण विद्रोह और बाद में गृह युद्ध शुरू हुआ। कड़ी सुरक्षा के बीच, जब न्यायाधीश ने सजा सुनाई, तो नजीब कैदी की पोशाक पहने एक पिंजरे के अंदर खड़े थे।
दिसंबर, 2014 में जब विद्रोहियों ने दमिश्क में प्रवेश किया, तो असद और उनके भाई माहेर रूस भाग गए। बाद में नजीब को हिरासत में ले लिया गया और वह उन सबसे ऊंचे ओहदे वाले अधिकारियों में से एक बन गए, जिनपर मुकदमा चलाया गया। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि दोनों आरोपियों ने सत्ता में रहते हुए जानबूझकर और सुनियोजित तरीके से लोगों की हत्याएं करवाईं तथा यातनाएं दीं।
अतीफ के आदेश के बाद सीरिया में भडक़ा था गृहयुद्ध
अतीफ नजीब सीरियाई सेना में ब्रिगेडियर जनरल रह चुके हैं। 2011 में वह दारा प्रांत में राजनीतिक सुरक्षा शाखा के प्रमुख थे। वह असद सरकार के सबसे बड़े अधिकारियों में से एक हैं, जिन पर अदालत में मुकदमा चला। अतीफ पर आरोप है कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर सख्ती से निपटने का आदेश दिया था। उनके आदेश के बाद ही पूरे सीरिया में विरोध प्रदर्शन और उग्र हो गया जो बाद में 14 साल तक चलता रहा। इस गृहयुद्ध में करीब पांच लाख लोगों की मौत हुई।
