देहरादून नगर निगम का बड़ा फैसला, निर्माण कार्यों में अब GPS फोटो और डिजिटल रिकॉर्ड अनिवार्य
देहरादून। नगर निगम देहरादून ने निर्माण एवं विकास कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए नई व्यवस्था लागू की है। नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडे ने इस संबंध में विस्तृत आदेश जारी करते हुए कहा कि अब प्रत्येक निर्माण कार्य के प्रस्ताव के साथ जीपीएस लोकेशन युक्त फोटोग्राफ और संबंधित अभियंता का प्रमाण-पत्र अनिवार्य रूप से संलग्न करना होगा।
नगर आयुक्त ने बताया कि कई मामलों में निर्माण कार्यों के आगणन (एस्टिमेट) के साथ कार्य स्थल के पूर्व के फोटोग्राफ और कार्य की आवश्यकता संबंधी प्रमाण-पत्र संलग्न नहीं किए जा रहे थे। इससे कार्यों की वास्तविक आवश्यकता का आकलन करने में कठिनाई होती थी और एक ही कार्य के विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तावित होने या कार्यों के दोहराव की आशंका बनी रहती थी।
नई व्यवस्था के तहत अब प्रत्येक निर्माण एवं विकास कार्य के आगणन के साथ कार्य प्रारंभ होने से पहले के स्पष्ट फोटोग्राफ, संबंधित अवर अभियंता या सहायक अभियंता द्वारा कार्य स्थल पर स्वयं उपस्थित होकर लिए गए जीपीएस लोकेशन युक्त फोटो, कार्य की आवश्यकता एवं औचित्य का प्रमाण-पत्र तथा निर्माण कार्य पूरा होने के बाद उसी दिशा से लिया गया स्थल का फोटो अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करना होगा। इससे कार्य शुरू होने से पहले और पूरा होने के बाद की स्थिति का पारदर्शी सत्यापन संभव होगा।
नगर आयुक्त ने कहा कि इन निर्देशों का उद्देश्य विकास कार्यों की निगरानी को अधिक प्रभावी बनाना, प्रत्येक परियोजना का डिजिटल एवं भौतिक रिकॉर्ड तैयार करना तथा सार्वजनिक धन के सदुपयोग को सुनिश्चित करना है। नई व्यवस्था से निर्माण कार्यों की स्वीकृति प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी और भविष्य में अनियमितताओं तथा कार्यों के दोहराव की संभावना को काफी हद तक रोका जा सकेगा।
