तहसील चौक चौड़ीकरण परियोजना का डीएम डॉ. आशीष चौहान ने किया निरीक्षण
– मुआवजा वितरण एवं दस्तावेजों के परीक्षण की प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश
देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सोमवार को आढ़त बाजार–तहसील चौक सड़क चौड़ीकरण परियोजना का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मुआवजा वितरण एवं पुनर्वास प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बरतते हुए परियोजना के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप देहरादून की यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम, सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए इस महत्वाकांक्षी परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों से प्रभावित लोगों के हितों का विशेष ध्यान रखने और सभी प्रक्रियाएं समयबद्ध ढंग से पूरी करने को कहा।
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा संचालित इस परियोजना के तहत प्रभावित संपत्ति स्वामियों को नियमानुसार पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से मुआवजा वितरित किया जा रहा है। प्रशासन के अनुसार कई प्रभावित संपत्ति धारकों ने मुआवजा प्राप्त करने के बाद अपनी प्रभावित परिसंपत्तियों की रजिस्ट्री लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के नाम कर दी है, जिससे सड़क चौड़ीकरण कार्य को गति मिली है।
परियोजना के अंतर्गत कुल 410 संपत्तियां प्रभावित हो रही हैं। शेष संपत्तियों के दस्तावेजों का परीक्षण एवं अन्य आवश्यक औपचारिकताएं तेजी से पूरी की जा रही हैं। दस्तावेज सही पाए जाने पर पात्र प्रभावितों को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराया जा रहा है।
प्रशासन का कहना है कि आढ़त बाजार–तहसील चौक सड़क चौड़ीकरण परियोजना पूरी होने के बाद देहरादून के यातायात तंत्र को मजबूती मिलेगी, ट्रैफिक जाम की समस्या में कमी आएगी और आमजन को आवागमन में बेहतर सुविधा मिलेगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि परियोजना में प्रभावित लोगों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। मुआवजा वितरण और पुनर्वास प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने से प्रभावितों का प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ा है और कई लोगों ने स्वेच्छा से अपनी संपत्तियां खाली करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है, जिससे परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है।
