स्पिक मैके के मंच पर ‘ए मिडसमर नाइट्स ड्रीम’ की प्रस्तुति

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देहरादून। स्पिक मैके उत्तराखंड ने पुरकुल यूथ डेवलपमेंट सोसाइटी के विद्यार्थियों के लिए एक रोचक नाट्य प्रस्तुति का आयोजन किया, जिसमें प्रसिद्ध नाया थिएटर द्वारा “ए मिडसमर नाइट्स ड्रीम दृ कामदेव का अपना बसंत ऋतु का सपना” प्रस्तुत किया गया। यह कार्यक्रम आईआईटी रुड़की, मसूरी इंटरनेशनल स्कूल, टीएचडीसी ऋषिकेश और स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी, जॉलीग्रांट सहित विभिन्न स्थानों पर भी आयोजित किया गया। 1959 में महान रंगमंच विशेषज्ञ हबीब तनवीर द्वारा स्थापित नाया थिएटर अपनी विशिष्ट शैली के लिए जाना जाता है, जिसमें लोक परंपराओं और समकालीन रंगमंच का अनूठा संगम देखने को मिलता है। इसके प्रमुख नाटकों में ‘चरणदास चोर’ और ‘आगरा बाजार’ शामिल हैं। इस विरासत को आगे बढ़ाते हुए वर्तमान में इस समूह का नेतृत्व निर्देशक रामचंद्र सिंह कर रहे हैं, जो इस विशिष्ट नाट्य शैली में निरंतर नवाचार कर रहे हैं। यह नाटक शेक्सपियर की प्रसिद्ध कृति का भारतीय रूपांतरण है, जिसमें ओबेरॉन और टाइटेनिया की कहानी को दर्शाया गया है। उनके बीच के विवाद के चलते शरारती पुक द्वारा रचित हास्यपूर्ण और जादुई घटनाओं की श्रृंखला सामने आती है, जिसमें प्रेम, कल्पना और ग्रामीण जीवन की झलक का सुंदर मिश्रण देखने को मिलता है। विभिन्न संस्थानों में आयोजित इस प्रस्तुति को दर्शकों, विशेषकर विद्यार्थियों, से अत्यंत उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली। सभी दर्शक सजीव अभिनय और प्रभावशाली कहानी कहने की शैली से मंत्रमुग्ध हो गए।

इस नाट्य प्रस्तुति में रामचंद्र सिंह, धन्नू लाल सिन्हा, अमर सिंह गंधर्व, स्वराज श्याम, रितेश पुषे, इमरान अली, सतीश व्याम, नीरज श्याम, अंकुर राव सूर्यवंशी, मन्नी कुमार, राम शर्मा, प्रकाश मीणा, प्रियंका शर्मा, प्रियंवदा सिन्हा, पायल सिंह, राधिका गंधर्व, बेबी शिवान्या चौहान, शीतल घुगे, विनोद टेकम, अंगद घेते और अश्विनी मिश्रा सहित अनेक प्रतिभाशाली कलाकारों ने भाग लिया। इस प्रकार की पहल के माध्यम से स्पिक मैके युवाओं के बीच भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने और उन्हें शास्त्रीय एवं पारंपरिक कला रूपों से जोड़ने का कार्य निरंतर कर रहा है।

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