असम राइफल्स का 191वाँ स्थापना दिवस: अमित शाह और अन्य नेताओं ने जवानों के साहस को किया नमन

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नई दिल्ली, 24 मार्च। असम राइफल्स के स्थापना दिवस पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह, केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने वीर जवानों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं। नेताओं ने पूर्वोत्तर की सीमाओं की रक्षा करने वाले असम राइफल्स के साहस, अनुशासन और समर्पण को राष्ट्र की एकता और सुरक्षा का प्रेरणास्रोत बताया।

अमित शाह ने एक्स पर लिखा कि असम राइफल्स के जवान पूर्वोत्तर के कठिन इलाकों में सीमाओं की रक्षा करते हैं और मानवीय सहयोग से समुदायों के बीच विश्वास कायम करते हैं। उन्होंने उन शहीद जवानों को भी याद किया जिन्होंने राष्ट्र की सेवा में अपना बलिदान दिया।

डॉ. वीरेंद्र कुमार ने असम राइफल्स के 191वें स्थापना दिवस पर सैन्य कर्मियों, पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि वीरता, अनुशासन और समर्पण के प्रतीक असम राइफल्स द्वारा सीमाओं की रक्षा और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए किए गए प्रयास सराहनीय हैं।

मुख्यमंत्री सैनी ने असम राइफल्स को ‘पूर्वोत्तर के प्रहरी’ बताते हुए कहा कि राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए उनका अदम्य साहस और समर्पण प्रेरणादायी है।

असम राइफल्स की स्थापना वर्ष 1835 में हुई थी, जो देश का सबसे पुराना अर्धसैनिक बल है। असम राइफल्स सीमा सुरक्षा के साथ-साथ आपदा प्रबंधन, मानवीय सहायता और स्थानीय समुदायों के बीच विश्वास कायम करने में भी सक्रिय रहती है। वर्तमान में यह बल गृह मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण और रक्षा मंत्रालय के परिचालन नियंत्रण में कार्य करता है।

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