हिमाचल में 24 से 28 सितंबर तक बदलेगा मौसमहिमाचल में 24 से 28 सितंबर तक बदलेगा मौसम

images (3)
0 0
Read Time:5 Minute, 36 Second

शिमला: हिमाचल प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई का समय करीब आ गया है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य से मानसून अगले दो से तीन दिनों में पूरी तरह विदा हो सकता है। विभाग ने बताया है कि मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं। सामान्य तौर पर हिमाचल से मानसून की पूरी विदाई 25 सितंबर के आसपास होती है। इस साल मानसून ने प्रदेश में 30 जून को प्रवेश किया था। पिछले कुछ दिनों से राज्य में बारिश नहीं हुई है और मौसम सुहावना बना हुआ है। मंगलवार को शिमला, मनाली समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में धूप खिली रही।

मौसम विभाग ने मंगलवार और बुधवार को मौसम के साफ रहने का अनुमान जताया है। हालांकि, इसके बाद 24 से 28 सितंबर के बीच पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है। विभाग के मौजूदा पूर्वानुमान में इस अवधि में अलग-अलग स्थानों पर बारिश के आसार हैं, लेकिन हिमाचल के लिए भारी बारिश की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।

-24 से 28 सितंबर के बीच बदल सकता है मौसम

मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के कारण 24 सितंबर से मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। जम्मू और आसपास के क्षेत्र में समुद्र तल से करीब 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके प्रभाव से हिमाचल में 24 से 28 सितंबर के बीच अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है। इसके बावजूद विभाग ने इन पांच दिनों में राज्य के लिए भारी बारिश का कोई अलर्ट या चेतावनी जारी नहीं की है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून की वापसी के लिए केवल बारिश रुकना ही पर्याप्त नहीं होता, इसके साथ वातावरण में नमी कम होना और निचले स्तर पर हवाओं की दिशा में बदलाव जैसी स्थितियां भी देखी जाती हैं। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए मानसून की विदाई की प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना है।

-इस बार 10 फीसदी कम बारिश, पिछले साल 42 फीसदी अधिक

इस मानसून सीजन में हिमाचल प्रदेश में बारिश सामान्य से कम रही है। जून से अब तक राज्य में सामान्य से करीब 10 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस साल मानसून ने 30 जून को प्रदेश में दस्तक दी थी। इसके मुकाबले वर्ष 2025 में मानसून के दौरान हिमाचल में सामान्य से 42 फीसदी अधिक बारिश हुई थी। इस साल बारिश कम रहने के बावजूद बारिश और उससे जुड़ी घटनाओं का असर गंभीर रहा है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के आंकड़ों के अनुसार जून से अब तक बारिश से संबंधित घटनाओं में 345 लोगों की मौत और 598 लोग घायल हुए हैं। चार लोग अब भी लापता हैं। मृतकों में 206 की मौत सड़क हादसों में हुई, जबकि 139 लोगों की जान भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, डूबने, बहने, फिसलने और अन्य बारिश से जुड़ी घटनाओं में गई है। मानसून के दौरान 142 घर, 17 दुकानें और 494 पशुशालाएं पूरी तरह ध्वस्त हुई हैं, जबकि 523 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है।

54 सड़कें बंद, 3,218 करोड़ रुपये का नुकसान

मानसून की विदाई का समय नजदीक आने के बावजूद प्रदेश में बारिश से प्रभावित बुनियादी ढांचे को पूरी तरह बहाल नहीं किया जा सका है। पिछले दिनों हुई बारिश के कारण राज्य में 54 सड़कें अभी भी बंद हैं। इनमें मंडी जिले में 28, कांगड़ा में 10 और कुल्लू में नौ सड़कें शामिल हैं। प्रदेश में 53 बिजली ट्रांसफार्मर भी बंद हैं। इनमें चंबा के पांगी में 28 और मंडी के गोहर में 24 ट्रांसफार्मर ठप हैं। मानसून के दौरान सड़कों और पुलों को हुए नुकसान से लोक निर्माण विभाग को अकेले 2,744 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। राज्य में मानसून से संबंधित कुल नुकसान का आंकड़ा 3,218 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

You may have missed

en_USEnglish