ईरान युद्ध में सऊदी की एंट्री, अमेरिका संग इराक में ताबड़तोड़ एयरस्ट्राइक
वाशिंगटन। मिडल ईस्ट में जंग के रोज नए-नए मोर्चे खुल रहे हैं। इस बीच अब सऊदी अरब की भी एंट्री हो गई है। अमरीकी और सऊदी की सेनाओं ने मिलकर इराक में जबरदस्त बमबारी की। दोनों देशों के लड़ाकू विमानों ने पूर्वी इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया के कई हथियारों और लॉजिस्टिक्स ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया। अमरीकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि यह संयुक्त कार्रवाई ईरान के हमले के जवाब में की गई है। इस हमले में 20 लड़ाकों की मौत हो गई, जबकि 32 घायल हुए। अमरीकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि पिछले तीन दिनों में आईआरजीसी के कहने पर 30 से ज्यादा ड्रोन हमले हुए। इसके जवाब में अमरीका-सऊदी के विमानों ने पूर्वी इराक में मिलिशिया के हथियारों और सामान रखने के कई ठिकानों पर हमले किए। अमरीका ने चेतावनी दी कि आईआरजीसी और उसके सहयोगी अगर ये ड्रोन हमले बंद नहीं करेंगे, तो अमरीका और कार्रवाई कर सकता है।
सेना के मुताबिक, इन ठिकानों से अमरीकी सैनिकों और सऊदी अरब के ऊर्जा ठिकानों पर हमलों की तैयारी की जा रही थी। इस बीच ईरान ने जवाबी कार्रवाई में कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। ये मिसाइलें जॉर्डन में अमरीकी सैन्य अड्डे की ओर दागी गई थीं, लेकिन सभी को रास्ते में ही इंटरसेप्ट कर लिया गया। सऊदी अरब ने बताया कि उसने लगातार दूसरे दिन इराक से छोड़े गए ईरान समर्थित मिलिशिया के ड्रोनों को गिरा दिया। ये ड्रोन सऊदी के पूर्वी इलाके में तेल सुविधाओं को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे थे।
पाक बोला, सऊदी को युद्ध में घसीटने की कोशिश
पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र्र सुरक्षा परिषद की बैठक में मिडल ईस्ट में बढ़ते तनाव पर चिंता जताई। संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि आसिम इफ्तिखार अहमद ने सऊदी अरब और व्यावसायिक जहाजों पर हुए हमलों की निंदा की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को इस बात की गहरी चिंता है कि सऊदी को इस संघर्ष में घसीटने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने अमरीका और ईरान से पिछले महीने हुए समझौता ज्ञापन का पालन करने की अपील भी की और कहा कि सभी पक्ष अपने वादों का सम्मान करें और क्षेत्र में तनाव कम करने की दिशा में काम करें।
