भारत के पास पेट्रोलियम का पर्याप्त भंडार, नहीं होगी तेल की किल्लत

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नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी संकट और उससे कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति श्रृंखला में आई बाधा के बीच सरकारी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि देश के पास पेट्रोलियम का पर्याप्त भंडार है। पेट्रोलियम मंत्रालय के उच्च अधिकारियों ने बताया कि इस समय देश में कच्चे तेल का 25 दिन का अतिरिक्त भंडार है। इसके अलावा शोधित उत्पादों का भी 25 दिन का अतिरिक्त भंडार है। दोनों मिलाकर कुल भंडार सात सप्ताह से अधिक का है।

अधिकारियों ने बताया कि कुल अतिरिक्त भंडार 25 करोड़ बैरल यानी लगभग 4,000 करोड़ लीटर का है। साथ ही रूस, अमरीका, पश्चिम अफ्रीका और मध्य एशिया से आयात लगातार जारी है। इसलिए मीडिया में आई इस तरह की खबरें कि देश के पास सिर्फ 25 दिन का कच्चा तेल बचा है, गलत है। उल्लेखनीय है कि इस समय भारत छह महादेशों के कुल 40 देश से कच्चे तेल और पेट्रोलियम का आयात करता है और इस मामले में होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर पूरी तरह से निर्भरता नहीं है। घरेलू रिफायनिंग कंपनियों की कुल शोधन क्षमता 25.8 करोड़ टन सालाना की है जो मांग से काफी अधिक है। घरेलू मांग 21-23 करोड़ टन सालाना है।

पेट्रोल में एथेनॉल के 20 प्रतिशत मिश्रण की अनिवार्यता के कारण हर साल 4.4 करोड़ बैरल यानी लगभग 60 लाख टन की आयात निर्भरता अलग से कम होती है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य से आयात पूरी तरह से बंद हो जाता है तब भी देश में पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं होगी। अमरीका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई में 28 फरवरी को ईरान पर हुए हमले और उसके बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई के कारण पश्चिमी एशिया में स्थिति काफी गंभीर हो गई है। कच्चे तेल की आपूर्ति श्रृंखला बाधित हुई है जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी कीमत करीब 20 प्रतिशत बढ़ गई है।

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