मानसा देवी पहाड़ी पर धधकी आग, दमकल विभाग की मुस्तैदी देख दंग रह गए श्रद्धालु: मॉक ड्रिल

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हरिद्वारः उत्तराखंड के हरिद्वार में वन संपदा को वनाग्नि से बचाने की तैयारियों को परखने के लिए प्रशासन ने बुधवार को व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की। मयूर दीक्षित के निर्देशन में मनसा देवी पहाड़ी क्षेत्र में वनाग्नि पर नियंत्रण और राहत-बचाव की संयुक्त कार्यवाही का सजीव अभ्यास किया गया, जिसमें तीन लोगों को आग की चपेट में घायल दिखाते हुए सफल रेस्क्यू किया गया।        

सुबह 10:30 बजे आपदा कंट्रोल रूम को पहाड़ी क्षेत्र में आग लगने की सूचना मिलने पर आपदा प्रबंधन टीम को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। मौके पर पहुंची टीमों ने आग पर नियंत्रण पाने की कार्रवाई करते हुए घायलों को सुरक्षित निकालकर उपचार के लिए जिला चिकित्सालय भेजा। दो घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि एक गंभीर घायल को हायर सेंटर रेफर किया गया। आग की चपेट में आया एक चीतल शावक भी घायल मिला, जिसे उपचार के लिए रेस्क्यू सेंटर भेजा गया।      

प्रभागीय वनाधिकारी एवं इंसीडेंट कमांडर के अनुसार यह अभ्यास वनाग्नि की आपात स्थिति में त्वरित राहत, बचाव और समन्वित कार्रवाई को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। मॉक ड्रिल में वन विभाग, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन, आपदा प्रबंधन सहित राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीमें शामिल रहीं।

कार्यक्रम का आयोजन राजाजी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में आगामी फायर सीजन की तैयारियों को ध्यान में रखकर किया गया। अभ्यास के पहले चरण में 17 फरवरी को टेबल-टॉप एक्सरसाइज के जरिए विभागों के बीच रणनीति और जिम्मेदारियों का निर्धारण किया गया, जबकि दूसरे चरण में बुधवार को चुनौतीपूर्ण वन क्षेत्र में फायर मॉक ड्रिल कर रणनीतियों का वास्तविक परीक्षण किया गया। पांच मिनट के भीतर टीमों की तैनाती और एक घंटा 45 मिनट में आग पर पूर्ण नियंत्रण का लक्ष्य हासिल किया गया। प्रशासन का कहना है कि इस तरह के संयुक्त अभ्यास से वनाग्नि जैसी आपदाओं से निपटने की तैयारी और विभागों के बीच समन्वय और अधिक मजबूत होगा।

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