कांग्रेस मुख्यालय में इंदिरा गांधी और सरदार पटेल को श्रद्धा सुमन अर्पित कर दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

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देहरादून : देश की आजादी के बाद से लेकर रोजाना भारत के खिलाफ कोई न कोई नापाक हरकत करने वाले पाकिस्तान को १९७१ में जब तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने दो टुकड़ों में विभाजित कर दिया और भारतीय सेना ने पाकिस्तान को युद्ध में पराजित कर ९८ हजार सैनिकों को आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर कर दिया तो पूरी दुनिया को भारत की सैन्य ताकत का एहसास हुआ। श्रीमती गांधी उस समय के अमरीकी राष्ट्रपति निक्सन की धमकियों के आगे नहीं झुकी और तत्कालीन लोकसभा में नेता विपक्ष अटल बिहारी वाजपेयी ने इंदिरा गांधी को दुर्गा कह कर संबोधित किया। यह बात आज देश की पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्वर्गीय इंदिरा गांधी की इकतालीसवें शहादत दिवस व देश के प्रथम गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की एक सौ पचासवीं जयंती के अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करण माहरा ने कही।

उन्होंने कहा कि इंदिरा जी ने हमेशा परिस्थितियों का सामना बहुत बहादुरी के साथ किया और कभी भी विषम व विपरीत परिस्थितियों के सामने नहीं झुकी और उन्होंने आपातकाल के बाद जब चुनाव करवाया तो जनता ने उनको सत्ता से बेदखल कर दिया और उन्होंने जनता के फैसले को सर माथे लिया व फिर जनता के बीच गईं और संघर्ष के बल बूते केवल ढाई वर्षों में सत्ता में वापसी की और फिर अपनी अंतिम सांस तक देश की सेवा करती रहीं।

देश के प्रथम ग्रह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए श्री माहरा ने कहा कि सरदार पटेल एक महान स्वतंत्रता संग्राम सैनानी व आजाद भारत के प्रथम ग्रह मंत्री के रूप में तो याद किए ही जाते हैं किन्तु वे कांग्रेस की पहली पाँत के नेताओं में गांधी नेहरू के समकक्ष स्थान रखते थे और उनका पार्टी व देश में वैसा ही सम्मान था।

इस अवसर पर कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संगठन सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि आज जिन परिस्थितियों में हम और पूरा देश इंदिरा जी की शहादत और सरदार पटेल की जयंती मना रहे हैं इन परिस्थितियों में इंदिरा जी और सरदार पटेल की स्मृतियां उनका व्यक्तित्व व उनके कृतित्व बहुत याद आ रहे हैं। श्री धस्माना ने कहा कि दोनों नेताओं ने देश को एक रखने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया । उन्होंने कहा कि जहां इंदिरा जी को देश के लिए अपने प्राणों का बलिदान देना पड़ा वहीं सरदार पटेल ने धार्मिक जातीय सांस्कृतिक व भाषाई विभिन्नताओं वाले भारत को एक सूत्र में बांधने का ऐतिहासिक कार्य किया ।

इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव नवीन जोशी, महासचिव जगदीश धीमान, प्रदेश महासचिव राजेंद्र शाह,महानगर अध्यक्ष डॉक्टर जसविंदर सिंह गोगी, गरिमा दसौनी,  दिनेश कौशल,  डॉक्टर प्रतिमा सिंह, शीशपाल सिंह बिष्ट, वीरेंद्र प्रसाद भट्ट, रॉबिन त्यागी, सुनील जायसवाल, मुकेश सोनकर, वीरेंद्र पंवार, मोहन काला, लखी राम बिजलवान,   देवेंद्र सिंह,  आदर्श सूद, सुशीला बेलवाल शर्मा, वीरेश शर्मा, प्रवीण भारद्वाज, कमर सिद्दीकी, आनंद सिंह पुंडीर, किशोर उनियाल, सुमित खन्ना, कार्तिक बिरला समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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