थराली में बादल फटने से भारी तबाही, 1 की मौत और 1 लापता
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चमोली: थराली क्षेत्र में शुक्रवार देर रात हुई भारी बारिश और बादल फटने से बड़ी तबाही हुई है। इस आपदा का सबसे ज्यादा असर थराली बाजार, तहसील परिसर और आसपास के गांवों जैसे कोटदीप और चेपडो पर पड़ा है।
-आपदा का विस्तृत ब्योरा
- भारी नुकसान: बादल फटने के बाद मलबा और पानी का तेज बहाव आया, जिससे कई घरों, दुकानों और सड़कों को भारी नुकसान पहुंचा है। तहसील परिसर और एसडीएम आवास में भी मलबा घुस गया, और वहां खड़ी कई गाड़ियां मलबे में दब गईं।
- जान-माल का नुकसान: इस हादसे में सागवाड़ा गांव की एक 21 वर्षीय युवती कविता की मौत हो गई। इसके अलावा, चेपडो गांव से एक बुजुर्ग व्यक्ति लापता हो गए हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। 30 से ज़्यादा लोग घायल हुए, जिनमें से 6 गंभीर रूप से घायल लोगों को ऋषिकेश के एम्स में एयरलिफ्ट किया गया है।
- संपर्क मार्ग अवरुद्ध: आपदा के कारण थराली-ग्वालदम और थराली-सागवाड़ा मार्ग मलबे से बंद हो गए हैं, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। इससे राहत और बचाव कार्यों में भी बाधा आ रही है।
-राहत और बचाव कार्य
आपदा की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल), एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। भारतीय सेना की एक प्लाटून को भी राहत कार्य में लगाया गया है।
- राहत शिविर: लगभग 150 से ज़्यादा प्रभावित लोगों को तहसील परिसर, राजकीय पॉलिटेक्निक कुलसारी और शहीद भवानीदत्त इंटर कॉलेज चेपड़ो में बनाए गए राहत शिविरों में ठहराया गया है। यहां उनके लिए भोजन, पानी और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
- मुख्यमंत्री का दौरा: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना पर दुख जताया और कहा कि प्रभावित लोगों को तुरंत मदद दी जाएगी। उन्होंने दिल्ली से लौटकर खुद भी प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया और राहत कार्यों का जायजा लिया।
- आर्थिक सहायता: सरकार ने मृतकों के परिजनों को ₹5 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
यह आपदा उत्तराखंड में एक महीने के भीतर दूसरी बड़ी घटना है, इससे पहले उत्तरकाशी के धराली गांव में भी इसी तरह की तबाही हुई थी। दोनों ही घटनाओं ने पहाड़ों में मौसम की नाजुक स्थिति को उजागर किया है।
