बुध प्रदोष व्रत: प्रदोष काल में पूजा करने से पूरी होंगी सभी मनोकामनाएं

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20 अगस्त बुधवार को बुध प्रदोष व्रत है। यह दिन भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित होता है। इस शुभ अवसर पर पूजा.अर्चना करने से भक्तों को धनए समृद्धि और सुख की प्राप्ति होती है।

-बुध प्रदोष व्रत का महत्व
भगवान शिव की कृपारू प्रदोष व्रत भगवान शिव की कृपा पाने के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन शिव.पार्वती की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

ग्रहों का शुभ प्रभावरू बुध प्रदोष व्रत करने से कुंडली में बुध ग्रह की स्थिति मजबूत होती हैए जिससे बुद्धिए व्यापार और संचार से जुड़े क्षेत्रों में सफलता मिलती है।

सुख.समृद्धि की प्राप्तिरू जो भक्त सच्ची श्रद्धा से इस व्रत को करते हैंए उनके जीवन में सुखए शांति और समृद्धि आती है।

-पूजा विधि

इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। प्रदोष काल ;सूर्यास्त के समयद्ध में भगवान शिव और माता पार्वती की मूर्ति या तस्वीर के सामने दीपक जलाएं। शिव चालीसा और प्रदोष व्रत कथा का पाठ करें। शिव मंत्रों का जाप करें और शिव.पार्वती को भोग लगाएं। अंत में आरती करके प्रसाद वितरित करें।

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