सावन में बुधवार को पूजन से मिलते हैं चमत्कारी फल, जानें विधि और महत्व

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हिंदू पंचांग में सावन माह को भगवान शिव की आराधना का सबसे पवित्र समय माना गया है। इस माह में प्रत्येक दिन का अपना अलग महत्व होता है। जहां सोमवार को भगवान शिव की विशेष पूजा होती है, वहीं बुधवार का दिन भी कम महत्वपूर्ण नहीं माना गया है। सावन के बुधवार को विशेष रूप से गौरी-शंकर, विघ्नहर्ता गणेश और बुद्ध ग्रह की कृपा पाने के लिए पूजा की जाती है। साथ ही यह दिन विवाह, संतान सुख और मानसिक शांति की कामना के लिए भी बेहद फलदायक माना गया है।

क्यों होता है सावन का बुधवार विशेष? सावन का महीना केवल शिवजी की ही आराधना का समय नहीं होता, बल्कि इस माह में देवी पार्वती और भगवान गणेश की पूजा का भी अत्यंत महत्व है। बुधवार का दिन विशेष रूप से भगवान गणेश और बुद्ध ग्रह को समर्पित होता है। ऐसा माना जाता है कि सावन के बुधवार को विधिपूर्वक पूजा करने से बुद्धि, वाणी और वाणी से जुड़े दोषों का नाश होता है और कार्यों में सफलता मिलती है।इसके अतिरिक्त, जिन लोगों को वैवाहिक जीवन में बाधाएं आ रही हैं या संतान प्राप्ति की इच्छा अधूरी है, उनके लिए भी सावन का बुधवार विशेष फलदायी होता है। इस दिन अगर गौरी-शंकर का ध्यान कर पूजा की जाए तो विवाह योग जल्दी बनते हैं और वैवाहिक जीवन में सामंजस्य आता है।

सावन के बुधवार को कैसे करें पूजा? सावन के बुधवार को पूजा करने के लिए श्रद्धा और नियम का पालन आवश्यक है। पूजा विधि इस प्रकार है: स्नान और शुद्धता: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। हरे वस्त्र पहनना इस दिन विशेष शुभ माना जाता है क्योंकि बुधवार का रंग हरा होता है। पूजन स्थान की तैयारी: घर के पूजास्थल को साफ करें और वहां शिवलिंग, भगवान गणेश और माता पार्वती की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें।

गणेश पूजन से करें आरंभ: सबसे पहले गणपति जी का आह्वान करें। उन्हें दूर्वा, मोदक, सिंदूर और तुलसी अर्पित करें। शिव-पार्वती की पूजा: भगवान शिव को जल, दूध, बेलपत्र, भांग, धतूरा, चंदन, पुष्प आदि अर्पित करें। माता पार्वती को कुमकुम, अक्षत, लाल पुष्प और सुहाग सामग्री अर्पित करें। बुद्ध ग्रह की शांति: बुद्ध ग्रह की कृपा पाने के लिए ‘ॐ बुधाय नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करें। इससे मानसिक शांति और एकाग्रता में वृद्धि होती है।

व्रत एवं संकल्प: जो भक्त व्रत रखते हैं, वे दिन भर फलाहार कर सकते हैं। दिन में एक समय सात्विक भोजन कर सकते हैं। भजन और आरती: पूजा के अंत में भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी की आरती करें और भजन-कीर्तन करें। क्या लाभ मिलते हैं इस पूजा से? सावन के बुधवार को विधिपूर्वक पूजा करने से मानसिक और पारिवारिक सुख में वृद्धि होती है। विशेषकर जिन लोगों को मानसिक अस्थिरता, पारिवारिक कलह या संतान संबंधी समस्याएं हैं, उन्हें इस दिन का पूजन विशेष रूप से लाभ देता है।इसके अतिरिक्त, बुद्ध ग्रह की प्रसन्नता से बुद्धिमत्ता, वाणी में माधुर्य और निर्णय क्षमता में वृद्धि होती है। जिन छात्रों को पढ़ाई में मन नहीं लगता, उनके लिए भी यह दिन लाभकारी होता है।

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