10 करोड 23 लाख की ड्रग्स संग 22 वर्षीय युवती अरेस्ट

WhatsApp-Image-2025-07-12-at-15.48.52_56eeb34c-800x445
0 0
Read Time:9 Minute, 56 Second

चम्पावत:  आईजी कुमाऊं रिद्धिम अग्रवाल के निर्देशन में जनपद चम्पावत व पिथौरागढ़ पुलिस टीम ने संयुक्त रूप से कार्यवाही करते हुए नशा तस्करों पर बड़ा प्रहार किया है। संयुक्त पुलिस टीम ने 10 करोड़ 23 लाख 84 हजार रुपये की MDMA ड्रग्स बरामद की है। यह उत्तराखंड में अब तक की नशे की सबसे बड़ी खेप पकड़ी है। पुलिस की ने इस कार्यवाही में 5 किलो 688 ग्राम MDMA जिसे MD नाम से भी जाना जाता है को बरामद किया है। साथ ही एक महिला को गिरफ्तार किया है। पुलिस महिला के पति के तलाश में जुटी हुई है। आईजी ने पुलिस टीम को बीस हजार रुपये के नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है। वहीं पुलिस ड्रग्स के स्रोत व अंतर्राष्ट्रीय संपर्कों (विशेषकर नेपाल व नाइजीरियाई नेटवर्क) की भी जांच कर रही है।

हाल ही में महाराष्ट्र राज्य के ठाणे, मुंबई पुलिस द्वारा पिथौरागढ़ में एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत की गई कार्यवाही के आलोक में आई.जी. कुमाऊं रिध्दिम अग्रवाल द्वारा नेपाल सीमा पर सख्त निगरानी और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने हेतु निर्देशित किया गया था। आईजी ने कुमाऊं रेंज के समस्त पुलिस अधीक्षकों को नशे के तस्करों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही करने को लेकर आदेशित किया गया था। साथ ही वे इसको लेकर लगातार समीक्षा की जा रही थी। निर्देशों के क्रम में पुलिस अधीक्षक चम्पावत अजय गणपति व पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़ रेखा यादव के कुशल निर्देशन में दोनों जनपदों की संयुक्त टीमों ने नशा तस्करों के विरुद्ध सूचना संकलन, सर्विलांस निगरानी, प्रभावी व कुशल सुरागरसी पतारसी कर संदिग्धों पर सतर्क दृष्टि रखी जा रही थी तथा सूचनाओं का आदान प्रदान किया जा रहा था।

आज शनिवार को सीओ टनकपुर वन्दना वर्मा के पर्यवेक्षण, एसओजी प्रभारी लक्ष्मण सिंह जगवाण, एसओ बनबसा सुरेंद्र सिंह कोरंगा के नेतृत्व में 14 सदस्यीय पुलिस टीम ने प्रातः लगभग 5:45 बजे नेपाल सीमा के निकट शारदा नहर (गढ़ीगोठ पुल, पम्पापुर) क्षेत्र में चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान पुलिस टीम ने एक महिला ईशा पत्नी राहुल कुमार निवासी ग्राम पम्पापुर, थाना-बनबसा, जनपद-चम्पावत उम्र- 22 वर्ष को काला पिट्ठू बैग लेकर नहर की ओर भागते देखा। संदिग्ध व्यवहार प्रतीत होने पर महिला को रोका गया। सीओ वन्दना वर्मा की उपस्थिति में महिला के बैग की तलाशी ली गई तो उसमें से किलो 688 ग्राम MDMA (मेथाएमफेटामाइन) ड्रग्स जिसे MD नाम से भी जाना जाता है बरामद किया। जिसके बाद महिला को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके खिलाफ थाना बनबसा में अभियोग पंजीकृत किया गया है।

एसपी अजय गणपति ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ़्तार महिला ने स्वीकार किया कि बैग में एमडीएमए ड्रग्स मिथाइलीनडि ऑक्सीमेथाम्फेटामाइन है, जो उसके पति राहुल कुमार व उनके सहयोगी कुनाल कोहली (टनकपुर निवासी) द्वारा 27 जून 2025 को पिथौरागढ़ से लाकर दिए गए थे, जो वर्तमान में ठाणे मुम्बई में पंजीकृत एक अभियोग में वांछित चल रहे है। वर्तमान में पुलिस की सक्रियता को देखते हुए पति के कहने पर आज बरामद माल को शारदा नहर में फेंकने जा रही थी। एसपी ने बताया कि महिला के बैग से दो पुलिंदे बरामद हुए। पहले पुलिंदे में 3 किलो 424.5 ग्राम (भूरा ढेलेदार पदार्थ) व दूसरे पुलिंदे में 2 किलो 263.5 ग्राम (सफेद दानेदार पदार्थ) कुल बरामदगी 5 किलो 688 ग्राम MDMA बरामद हुआ। एसपी ने बताया कि बरामद ड्रग्स की अंतर्राष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 18000/- रुपये प्रति ग्राम कुल 10,23,84000/-(दस करोड़ तेईस लाख चौरासी हजार रुपये) आंकी गई है।

एसपी अजय गणपति ने बताया कि पूर्व में पकड़े गये अपराधियों के बैकवर्ड लिंकेज का पता लगाते हुए जनपद चम्पावत व जनपद पिथौरागढ पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से थल क्षेत्र से अपराधियों द्वारा नशिले पदार्थ बनाये जाने हेतु गठित लैब व सम्बन्धित उपकरणों को जब्त कर कार्यवाही की थी। कार्यवाही के बाद से ही जनपद पिथौरागढ पुलिस व जनपद चम्पावत पुलिस द्वारा इस गिरोह में सम्मलित अन्य अपराधियों तथा पुरे नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा था तथा सक्रिय रूप से सुरागरसी पतारसी कर सूचना संकलन किया जा रहा था। यह कार्रवाई पिथौरागढ़ फैक्ट्री नेटवर्क को उजागर करने में महत्वपूर्ण है। गिरफ़्तार महिला व उसके सहयोगियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। चम्पावत पुलिस ने 2024 में 82 तस्करों को गिरफ़्तार कर 56 मुकदमे दर्ज किए हैं, जो हमारी प्रतिबद्धता दर्शाता है। गिरफ़्तार महिला के पति राहुल कुमार व कुनाल कोहली की तलाश जारी है।

एसपी ने बताया कि बरामद ड्रग्स के स्रोत व अंतर्राष्ट्रीय संपर्कों (विशेषकर नेपाल व नाइजीरियाई नेटवर्क) की जांच की जा रही है। कहा कि सार्वजनिक सहयोग से ही उत्तराखंड को ड्रग-मुक्त बनाया जा सकता है। कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखे या आपके आस-पास कोई सिन्थेंटिक ड्रग बनाने हेतु कोई गोपनीय प्रयोगशाला या अन्य संदिग्ध गतिविधी दिखे या सिन्थेंटिक ड्रग बनाने पर निकलने वाली तिव्र गंध मेहसूस हो तो कृपया टोल-फ्री नंबर 100/112/निकटवर्ती थाना/चौकी पर सूचना दें। नशे के खिलाफ चम्पावत पुलिस का जीरो टॉलेरनस-युवाओं के भविष्य के लिये पुलिस का बड़ा ऑपरेशन

पुलिस टीम में सीओ टनकपुर वंदना वर्मा, एसओजी प्रभारी लक्ष्मण सिंह जगवाण, एसओ बनबसा सुरेन्द्र सिंह कोरंगा, एएनटीएफ प्रभारी सोनू सिंह, हे0का0 गणेश सिंह बिष्ट, संजय शर्मा, का0 नासिर, उमेश राज, सूरज कुमार, का0 कुलदीप सिंह, का0 मदन सिंह, का0 जगदीश कन्याल, म0का0 राकेश्वरी राणा, वहीं पिथौरागढ़ पुलिस से एसओजी प्रभारी प्रकाश पाण्डे, का0 कमल शामिल रहे।

-एमडीएमए ड्रग्स के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी

पहचान एवं प्रभाव: एमडीएमए (जिसे “मौली, MD, म्याऊ-म्याउ, वाइट पाउडर, एम केट ” या “एक्स्टसी” भी कहा जाता है) एक सिंथेटिक ड्रग है, जो मेथाम्फेटामाइन जैसे उत्तेजक पदार्थ के समान है। जिसका प्रभाव कोकीन की तरह है जिसका उपयोग बड़े शहरों में तथा क्लबों में किया जा रहा है। मंहगें ड्रग्स के विकल्प के रूप में इसका प्रयोग नशे के लिये काफी किया जा रहा है जिससे बड़े शहरो/मेट्रो सिटी में इसकी डिमाण्ड काफी बड़ गयी है। यह बैसिक एल्केलाइट प्रवृत्ति का ड्रग है पश्चिमी देशों में युवाओं के बीच लोकप्रिय है और भारत में क्लब कल्चर इसका उपयोग बढ़ रहा है ।

वर्ष- 2024 में चम्पावत पुलिस ने 4 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के नशीले पदार्थ बरामद किए हैं, जिनमें 1,280 किग्रा स्मैक (मूल्य:-3.84 करोड़) और 60.5 किग्रा चरस शामिल है। वर्ष 2025 में अब तक लगभग 11 करोड़ की अवैध ड्रग्स/नशीले पदार्थ बरामद किये गये हैं।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
en_USEnglish