विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज, 3 हजार 2 सौ ईवीएम-वीवीपैट की जांच पूरी

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गोपेश्वर: विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के तहत चमोली में ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) का काम तेजी से चल रहा है। 30 अक्टूबर तक जिले में 957 बैलेट यूनिट, 1,125 कंट्रोल यूनिट और 1,118 वीवीपैट मशीनों की जांच पूरी कर ली गई है। अब एक और दो नवंबर को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में मशीनों का मॉकपोल कराया जाएगा।

ईवीएम-वीवीपैट वेयरहाउस में इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ईसीआईएल) के इंजीनियर मशीनों की तकनीकी जांच कर रहे हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी गौरव कुमार की निगरानी में चल रही इस प्रक्रिया का राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी अवलोकन कर रहे हैं।

जिलाधिकारी ने बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार प्रत्येक चुनाव से पहले ईवीएम और वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच अनिवार्य है। जांच में सफल और प्रमाणित मशीनों का ही चुनाव में इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और वेयरहाउस की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।

अपर जिलाधिकारी एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी विवेक प्रकाश के अनुसार जिले के 633 मतदान केंद्रों के लिए 1,130 बैलेट यूनिट, 1,250 कंट्रोल यूनिट और 1,294 वीवीपैट मशीनों की जांच की जा रही है। पहले उपलब्ध 1,400 कंट्रोल यूनिट में से 150 मशीनें पौड़ी जिले को हस्तांतरित की गई हैं। शेष मशीनों की जांच जारी है।

पांच प्रतिशत मशीनों पर मॉकपोल

एफएलसी के बाद एक और दो नवंबर को कुल मशीनों में से पांच प्रतिशत का रेंडम चयन कर मॉकपोल कराया जाएगा। इसमें एक प्रतिशत मशीनों पर 1,200 वोट, दो प्रतिशत पर 1,000 वोट और शेष दो प्रतिशत मशीनों पर 500-500 वोट डालकर परीक्षण किया जाएगा। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में होने वाली इस प्रक्रिया से मशीनों की कार्यक्षमता और तकनीकी विश्वसनीयता परखी जाएगी। जिलाधिकारी ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से अपने अधिकृत प्रतिनिधियों को एफएलसी और मॉकपोल में भेजने की अपील की है।

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