15 अक्टूबर तक उत्तराखंड की सभी सड़कें हों गड्ढामुक्त: सीएम धामी

5
0 0
Read Time:7 Minute, 3 Second

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास से प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर मानसून की स्थिति, चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा, आपदा प्रबंधन, ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम, सत्यापन अभियान और गड्ढामुक्त सड़क अभियान समेत विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जनहित से जुड़े कार्यों में तेजी लाने और मानसून के दौरान पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून को देखते हुए आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा जाए। सभी अधिकारी अपने फोन चालू रखें और किसी भी परिस्थिति में संपर्क से बाहर न रहें। संभावित आपदाओं से निपटने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं और तैयारियां पहले से सुनिश्चित की जाएं, ताकि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

उन्होंने निर्देश दिए कि मानसून के दौरान अत्यधिक वर्षा अथवा आपदा के कारण जहां सड़कें क्षतिग्रस्त, मार्ग अवरुद्ध या टूटे हैं तथा ड्रेनेज सिस्टम में समस्या उत्पन्न हुई है, उनका जिलाधिकारी स्तर पर विस्तृत विवरण तैयार किया जाए। ऐसे स्थानों का चिन्हीकरण कर मानसून समाप्त होते ही सड़कों, मार्गों और ड्रेनेज व्यवस्था के पुनर्निर्माण एवं मरम्मत कार्य प्राथमिकता से शुरू किए जाएं।

15 अक्टूबर तक सड़कों को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने मानसून समाप्त होते ही प्रदेशभर में गड्ढामुक्त सड़क अभियान शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने, समिति गठित करने और कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि 15 अक्टूबर तक प्रदेश की सभी सड़कों को हर हाल में गड्ढामुक्त किया जाए।

उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत पांच वर्ष की अवधि पूरी कर चुकी और खराब स्थिति वाली सड़कों को चिन्हित करने के निर्देश दिए। ऐसी सड़कों की स्थिति का आकलन कर डामरीकरण एवं सुधार की कार्ययोजना तैयार करने तथा आवश्यकता के अनुसार उन्हें लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने को कहा।

जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान में तेजी
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून के बाद ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम को और गति दी जाए। जिन क्षेत्रों और गांवों में अभी तक शिविर आयोजित नहीं हुए हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर कैंप लगाकर अधिक से अधिक लोगों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ पहुंचाया जाए।

उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905 की नियमित समीक्षा के निर्देश दिए। साथ ही राज्यभर में चल रहे सत्यापन अभियान में तेजी लाने को कहा। राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं में अपात्र लाभार्थियों का चिन्हीकरण कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र लोगों तक पहुंच सके। उन्होंने स्टेट सेक्टर फिजिकल वेरिफिकेशन में भी तेजी लाने को कहा।

मुख्यमंत्री घोषणाओं के कार्यों में तेजी के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अपनी घोषणाओं के तहत स्वीकृत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर धरातल पर उतारने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारियों को घोषणाओं से संबंधित कार्यों की नियमित समीक्षा और मॉनिटरिंग करने को कहा, ताकि विकास कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे हों और उनका लाभ आमजन तक पहुंच सके।

कांवड़ यात्रा के बाद स्वच्छता अभियान में तेजी लाने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने नशे के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाने को कहा। उन्होंने अवैध नशीले पदार्थों की बिक्री और तस्करी पर कड़ी कार्रवाई तथा यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के निर्देश भी दिए।

कृषि-बागवानी और पशुपालन योजनाओं पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को कृषि, बागवानी और पशुपालन से जुड़ी योजनाओं पर विशेष ध्यान देने तथा अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को इन योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों, पशुपालकों और ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं प्रभावी तरीके से मिले। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर बढ़ने के साथ ही उत्तराखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु के साथ वर्चुअल माध्यम से आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत, आयुक्त गढ़वाल आनंद स्वरूप, आईजी कुमाऊं निवेदिता कुकरेती, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप सहित सभी जिलों के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक मौजूद रहे।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
en_USEnglish