उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट, तीन जिलों में रेड अलर्ट
देहरादून। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी), देहरादून द्वारा आगामी दिनों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, आकाशीय बिजली और तेज वर्षा की चेतावनी जारी किए जाने के बाद राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) ने सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट जारी कर आवश्यक एहतियाती और राहत-बचाव व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
एसईओसी की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार 18 से 22 जुलाई तक मौसम को देखते हुए सभी जिलों में सतर्कता बढ़ाने, संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने, जिला आपदा परिचालन केंद्रों को 24×7 सक्रिय रखने तथा राहत एवं बचाव दलों को पूरी तरह तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
19 जुलाई के लिए मौसम विभाग ने नैनीताल, चम्पावत और ऊधमसिंह नगर में अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार और बागेश्वर में भारी से बहुत भारी बारिश और आकाशीय बिजली की चेतावनी के साथ ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ में भारी बारिश की संभावना के चलते यलो अलर्ट रहेगा।
20 जुलाई को देहरादून, हरिद्वार और टिहरी के कुछ क्षेत्रों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा टिहरी, उत्तरकाशी और पौड़ी में ऑरेंज अलर्ट प्रभावी रहेगा।
21 जुलाई को देहरादून और बागेश्वर में भारी से बहुत भारी वर्षा और आकाशीय बिजली की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि टिहरी, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, नैनीताल, चमोली और पिथौरागढ़ में यलो अलर्ट रहेगा।
22 जुलाई को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भारी बारिश की आशंका के चलते यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने राज्य के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक और तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना भी जताई है।
आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि सभी जिलाधिकारियों को भूस्खलन संभावित क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने, संवेदनशील मार्गों पर आवश्यक मशीनरी तैनात करने और राहत-बचाव संसाधनों को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने प्रदेशवासियों, चारधाम यात्रियों और पर्यटकों से मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने, अनावश्यक यात्रा से बचने तथा यात्रा से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने की अपील की है। साथ ही भारी बारिश के दौरान नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में 112, 1070 और 1077 हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करने को कहा है।
