प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना: 14 ग्रामों के समग्र विकास पर सरकार का विशेष फोकस

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देहरादून। जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में भारत सरकार द्वारा संचालित “प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना” (पीएमएजीपी) की जिला स्तरीय अभिसरण समिति की बैठक आयोजित की गई।

जिला समाज कल्याण अधिकारी/नोडल अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जनपद देहरादून में 50 प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जाति बाहुल्य के 14 ग्रामों का चयन किया गया है। इनमें विकास खंड चकराता के 8 ग्राम (लावड़ी, भुनर, कुणा, कोटा तपलाड़, कंडोई भरम, मस्क, जोगियों एवं बूरायला) विकास खंड कालसी के 4 ग्राम (सुरऊ, कचटा, रूपऊ एवं घरना) तथा विकास खंड विकासनगर के 2 ग्राम (पस्ता एवं धलाई) शामिल हैं। योजना के तहत प्रत्येक ग्राम को ‘गैप फिलिंग’ कार्यों के लिए 20 लाख रुपये की धनराशि प्रदान की जाएगी।

बैठक में चयनित ग्रामों के समग्र विकास हेतु विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं आपसी समन्वय पर विस्तृत चर्चा की गई। संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया कि पेयजल एवं स्वच्छता, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय निर्माण एवं मरम्मत, आंगनबाड़ी भवन निर्माण, सर्व-ऋतु सड़क निर्माण तथा सोलर व स्ट्रीट लाइट की स्थापना जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाए। वरिष्ठ परियोजना अधिकारी, उरेडा ने जानकारी दी कि वर्ष 2026-27 की जिला योजना में चयनित प्रत्येक ग्राम में 15 सोलर लाइट स्थापित करने का प्रस्ताव है।

मुख्य विकास अधिकारी ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि चयनित ग्रामों में योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए और निर्धारित समयसीमा में लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही योजनाओं का लाभ अधिकतम पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए जन-जागरूकता बढ़ाने पर भी विशेष बल दिया गया। बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार, जिला पंचायतराज अधिकारी मनोज नौटियाल, वरिष्ठ परियोजना अधिकारी उरेडा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं चयनित ग्रामों के ग्राम प्रधान उपस्थित रहे।

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