एक्सप्रेस-वे बनेगा डिजिटल प्रगति का मजबूत आधार

8
0 0
Read Time:3 Minute, 0 Second

देहरादून। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से उत्तराखंड की उम्मीदों को पंख लग रहे हैं। विकास की योजनाओं का खाका खींचते वक्त दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर अब अहम भूमिका में है। डिजिटल प्रगति के लक्ष्य को हासिल करने की राह में भी इसे मददगार दोस्त की तरह देखा जा रहा है। इंडिया डिजिटल एम्पावरमेंट मीट एंड अवार्ड कार्यक्रम के लिए दून में जुटे देशभर विशेषज्ञों ने डिजिटल प्रगति में एक्सप्रेस-वे की अहमियत को रेखांकित किया है।

फ्लाइट नहीं, एक्सप्रेस-वे से तय की यात्रा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे जनता को समर्पित किया है। इसके बाद, दिल्ली से देहरादून का सफर ढाई से तीन घंटे का रह गया है। इंडिया डिजिटल एम्पावरमेंट मीट एंड अवार्ड कार्यक्रम में गुरुवार को कई बार एक्सप्रेस-वे चर्चा में आया। सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी (आईटीडीए) के निदेशक आलोक कुमार पांडेय ने बताया कि कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए कई विशेषज्ञों ने एक्सप्रेस-वे का रास्ता चुनाव। उनके पास फ्लाइट का विकल्प मौजूद था, लेकिन उन्होंने एयर टिकट कैंसिल कराए और एक्सप्रेस-वे से दून पहुंचे।

अब और बेहतर कनेक्टिविटी, फायदा मिलेगा
कार्यक्रम में कई सत्रों में विशेषज्ञों के साथ देश-प्रदेश की डिजिटल प्रगति पर चर्चा हुई। इस दौरान सभी का कहना था कि डिजिटल इंडस्ट्री को उत्तराखंड में बढ़ावा देने के लिए हर तरह से अनुकूल स्थिति मौजूद है। कनेक्टिविटी पहले से अच्छी थी, अब दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे से और भी बेहतर हो गई है। इसका फायदा मिलना तय है। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री प्रदीप बत्रा से लेकर सचिव नितिश कुमार झा तक ने डिजिटल प्रगति में एक्सप्रेस-वे की भूमिका का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार डिजिटल प्रगति के लिए असाधारण कार्य कर रही है।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
en_USEnglish