नवाचार और क्षमता निर्माण को बढ़ावा, IIT रुड़की के साथ हुआ समझौता

5
0 0
Read Time:2 Minute, 48 Second

रुड़की। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), रुड़की ने शहरी परिवहन क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और क्षमता निर्माण में सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इस एमओयू का आदान-प्रदान शनिवार को एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक शलभ गोयल और आईआईटी रुड़की के रिसोर्स और एलुमनाई अफेयर्स के डीन प्रो. आर. डी. गर्ग की उपस्थिति में किया गया। इस मौके पर एनसीआरटीसी के वरिष्ठ अधिकारी और आईआईटी रुड़की के एसोसिएट डीन और डिपार्टमेंट/सेंटर के हेड भी मौजूद रहे। इसका उद्देश्य आईआईटी रुड़की की शैक्षणिक और अनुसंधान विशेषज्ञता का लाभ उठाते हुए, उसे देश के प्रथम नमो भारत के सफल कार्यान्वयन के एनसीआरटीसी के अनुभव से जोड़कर शहरी गतिशीलता की चुनौतियों का समाधान करना और एक हरित तथा सतत भविष्य का मार्ग प्रशस्त करना है।

इस अवसर पर, श्री गोयल ने कहा, “शिक्षा जगत और उद्योग के बीच यह साझेदारी, आधुनिक गतिशीलता से जुड़ी जटिलताओं का समाधान करने के लिए दोनों क्षेत्रों की विशेषज्ञता को एक साथ लाएगी। इस सहयोग से मिलने वाले नवाचार और तकनीकी समाधान, माननीय प्रधानमंत्री द्वारा परिकल्पित ’विकसित भारत’ का मार्ग प्रशस्त करने में सहायक होंगे, साथ ही इस क्षेत्र में स्वदेशी क्षमताओं को भी सुदृढ़ करेंगे।“ आईआईटी रुड़की के डायरेक्टर, प्रो. (डॉ.) कमल किशोर पंत ने कहा, “आईआईटी रुड़की में, हम ऐसे ट्रांसलेशनल रिसर्च को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं जो वास्तविक दुनिया की चुनौतियों का समाधान प्रदान करती है। एनसीआरटीसी के साथ यह भागीदारी अकादमिक शोध को राष्ट्र की इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी प्राथमिकताओं के साथ एकीकृत करने के लिए, विशेष रूप से सतत और कुशल शहरी गतिशीलता प्रणालियों के क्षेत्र में, एक मज़बूत मंच प्रदान करती है।”

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
en_USEnglish