वित्त सचिव दिलीप जावलकर के बैंकों को ऋण जमा अनुपात बढ़ाने और स्वरोजगार लोन तेज़ी से निपटाने के निर्देश

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देहरादूनः सचिव, वित्त दिलीप जावलकर ने आज सचिवालय में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक ली। उन्होंने बैंकों से राज्य में ऋण जमा अनुपात को 60 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर काम करने के लिए कहा साथ ही उन्होंने स्वरोजगार संबंधित योजनाओं से सम्बंधित लंबित ऋण आवेदनों को भी तेजी से निस्तारित करने के निर्देश दिए।

सचिव ने कहा कि जिन जनपदों में ऋण जमा अनुपात कम है, वहां अग्रणी जिला प्रबंधक विशेष रणनीति के साथ प्रयास करें। खासकर पर्वतीय जनपदों में होटल, पर्यटन, पावर प्रोजेक्ट्स की वित्तीय गतिविधियों को स्थानीय बैंकों से जोड़ने के प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि जिस जिले में इकाई संचालित हो रही है, उसकी वित्तीय गतिविधियां भी उसी जिले के बैंक से संचालित होनी चाहिए।

बैठक में स्वामित्व कार्ड के आधार पर ऋण प्रदान किए जाने के लिए बैंकों के स्तर से SOP जारी करने पर जोर दिया गया। सचिव ने आपकी पूंजी, आपका अधिकार अभियान की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए जनजागरुकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने इस अभियान में सरकारी विभागों को भी जोड़ने के निर्देश दिए।

उन्होंने बैंकों को निर्देश दिए कि वो भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 के तहत न्यायिक कार्यवाही में Online गवाही के लिए जिला मुख्यालय की शाखाओं में VC की सुविधा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। सचिव ने रोजगार सृजन ऋण योजनाओं में लंबित आवेदनों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि संबंधित बैंक प्राथमिकता के आधार पर आवेदनों का निस्तारण करें, इसी तरह MSME सेक्टर को भी प्राथमिकता पर वित्तीय सहायता प्रदान करें। उन्होंने कहा कि शिक्षा ऋण आवंटन को भी प्राथमिकता में लिया जाए, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को शिक्षा ऋण उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दी जाए।

इस मौके पर अपर सचिव रंजना राजगुरु, हिमांशु खुराना, निवेदिता कुकरेती और अभिषेक रुहैला सहित बैंकों के अधिकारी मौजूद रहे।

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