उत्तराखंड में नर्सिंग शिक्षा का विस्तार, सरकारी कॉलेजों में 879 और निजी संस्थानों में 10,616 सीटें
-धामी सरकार का गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार पर फोकस, जापान और जर्मनी में भी युवाओं को मिल रहे अवसर
देहरादून। उत्तराखंड में नर्सिंग शिक्षा को मजबूत बनाने और युवाओं के लिए रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से धामी सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में जुलाई 2021 के बाद प्रदेश में तीन नए राजकीय नर्सिंग कॉलेज स्थापित किए गए हैं, जिनसे नर्सिंग पाठ्यक्रमों में 321 अतिरिक्त सीटें बढ़ी हैं। इसके साथ ही राजकीय नर्सिंग कॉलेजों में विभिन्न पाठ्यक्रमों की कुल सीटें बढ़कर 879 हो गई हैं। वहीं, प्रदेश के निजी नर्सिंग संस्थानों में सभी पाठ्यक्रमों की कुल सीटों की संख्या 10,616 तक पहुंच गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य उत्तराखंड के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। नर्सिंग शिक्षा का विस्तार, राजकीय संस्थानों में शैक्षणिक सुविधाओं को मजबूत करना और युवाओं को देश-विदेश में रोजगार के अवसरों से जोड़ना इसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों का हिस्सा है। सरकार चाहती है कि प्रदेश के युवा अपनी प्रतिभा और कौशल के बल पर आगे बढ़ें और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
तीन राजकीय नर्सिंग कॉलेजों में 321 सीटों की वृद्धि
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश की चिकित्सा सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए नर्सिंग शिक्षा के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जुलाई 2021 के बाद स्थापित तीन राजकीय नर्सिंग संस्थानों में बीएससी नर्सिंग की 151, एमएससी नर्सिंग की 120, एनपीसीसी की 20 और एनपीएम की 30 सीटें बढ़ाई गई हैं। इस प्रकार कुल 321 अतिरिक्त सीटें उपलब्ध हुई हैं। इन संस्थानों में एएनएम, जीएनएम, बीएससी नर्सिंग, पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग, एमएससी नर्सिंग, एनपीसीसी और एनपीएम सहित विभिन्न पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इससे प्रदेश के विद्यार्थियों को नर्सिंग के क्षेत्र में शिक्षा और प्रशिक्षण के अधिक अवसर मिल रहे हैं।
जापान और जर्मनी में युवाओं को रोजगार
उत्तराखंड के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए व्यावसायिक शिक्षा के साथ विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। विद्यार्थियों को जापानी, जर्मन और स्पेनिश जैसी भाषाओं में दक्ष बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकार के प्रयासों से प्रशिक्षित युवाओं को विदेशों में भी रोजगार मिल रहा है। वर्ष 2023 में दो बैचों के 60 अभ्यर्थियों को जापान में रोजगार मिला, जबकि वर्ष 2025 में 13 अभ्यर्थियों को जर्मनी में रोजगार प्राप्त हुआ। इससे प्रदेश के युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय रोजगार के नए रास्ते खुल रहे हैं।
निजी नर्सिंग संस्थानों में भी बढ़ीं सीटें
प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा के विस्तार में निजी संस्थानों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। जुलाई 2021 के बाद 76 निजी नर्सिंग संस्थानों को पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए अनिवार्यता प्रमाणपत्र जारी किए गए और विभिन्न पाठ्यक्रमों में 5,138 सीटों को मंजूरी दी गई। इसके बाद प्रदेश के निजी नर्सिंग संस्थानों में सभी पाठ्यक्रमों की कुल सीटों की संख्या बढ़कर 10,616 हो गई है। उत्तराखंड के अलावा उत्तर प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों के विद्यार्थी भी यहां के निजी नर्सिंग संस्थानों में प्रवेश ले रहे हैं। इससे प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा का दायरा बढ़ने के साथ ही निजी अस्पतालों और नर्सिंग संस्थानों में रोजगार की संभावनाएं भी मजबूत हो रही हैं।
शिक्षकों की नियुक्ति और नए पदों के सृजन पर जोर
चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर नर्सिंग संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों की नियुक्ति और नए पदों के सृजन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। दिसंबर 2021 में 40 ट्यूटरों की नियुक्ति की गई। इसके बाद जून 2025 तक 26 और ट्यूटर नियुक्त किए गए, जिससे नियमित नर्सिंग ट्यूटरों की कुल संख्या 66 हो गई। इसी प्रकार अक्टूबर 2022 में आठ असिस्टेंट प्रोफेसर और एक एसोसिएट प्रोफेसर सहित कुल नौ संकाय सदस्यों की नियुक्ति की गई। इसके अतिरिक्त ट्यूटर, असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, प्रोफेसर और उप प्रधानाचार्य के पद भी सृजित किए गए। नवंबर 2025 में सात संकाय सदस्यों की नियुक्ति की गई। चिकित्सा शिक्षा निदेशालय की ओर से 16 असिस्टेंट प्रोफेसर पदों की अंतिम परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। इसके अलावा, बीते सितंबर माह में 30 ट्यूटरों की भर्ती के लिए अधियाचन उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड को भेजा गया है।
नर्सिंग शिक्षा के प्रति युवाओं में बढ़ रहा रुझान
हेमवती नंदन बहुगुणा चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय की ओर से नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित परीक्षा में प्रतिवर्ष लगभग 12,000 से 15,000 अभ्यर्थी आवेदन करते हैं। यह आंकड़ा प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा के प्रति युवाओं के बढ़ते रुझान को दर्शाता है। राज्य सरकार का लक्ष्य नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, शिक्षण संस्थानों में पर्याप्त संकाय उपलब्ध कराने और युवाओं को रोजगार से जोड़ने के माध्यम से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाना है।
