साइबर ठगी से बचाव और यातायात नियमों के प्रति छात्रों को किया जागरूक
हरिद्वार: साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे और नाबालिगों के वाहन चलाने की प्रवृत्ति को देखते हुए कोतवाली श्यामपुर पुलिस ने श्रीराम विद्या मंदिर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें विद्यार्थियों और अभिभावकों को साइबर धोखाधड़ी से बचने, डिजिटल सुरक्षा अपनाने और यातायात नियमों का पालन करने के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने उत्सुकता के साथ सवाल पूछे, पुलिस प्रतिनिधियों ने जवाब देकर उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया।
कार्यक्रम में पुलिस प्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों को बताया कि डिजिटल दुनिया में थोड़ी-सी लापरवाही भी आर्थिक नुकसान और निजी जानकारी के दुरुपयोग का कारण बन सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों को किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करने, सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी साझा करने से बचने और संदिग्ध कॉल या संदेशों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। साइबर धोखाधड़ी का शिकार होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी भी दी गई।
नाबालिगों को वाहन देने से बचें अभिभावक
यातायात नियमों की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों और अभिभावकों को नाबालिगों के वाहन चलाने के कानूनी प्रावधानों और इससे जुड़े जोखिमों के बारे में बताया गया। पुलिस ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें और निर्धारित कानूनी पात्रता तथा वैध ड्राइविंग लाइसेंस के बिना उन्हें बाइक, स्कूटी या कार चलाने की अनुमति न दें। बताया गया कि नियमों की अनदेखी न केवल बच्चों की जान जोखिम में डाल सकती है, बल्कि गंभीर कानूनी कार्रवाई का कारण भी बन सकती है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं प्रबंधन ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और उनका उज्ज्वल भविष्य सर्वोच्च प्राथमिकता है। तकनीक का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करना और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। विद्यालय में भविष्य में भी इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने और यातायात नियमों का पालन करने की शपथ ली। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी, विद्यार्थी और अभिभावक मौजूद रहे।
