मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा, लंबित मामलों को समयबद्ध पूरा करने के निर्देश
देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को मुख्यमंत्री घोषणाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित घोषणाओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में कुल 4,611 मुख्यमंत्री घोषणाओं में से 2,852 घोषणाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि 1,759 घोषणाएं लंबित हैं। इनमें 447 घोषणाओं के विलोपन या मर्ज की कार्रवाई की जा चुकी है। लंबित 1,759 घोषणाओं में से 1,397 पर विभिन्न स्तरों पर कार्रवाई गतिमान है, जबकि इनमें 59 घोषणाएं आंशिक रूप से पूर्ण हो चुकी हैं। वर्तमान में 303 घोषणाएं लंबित हैं।
मुख्य सचिव ने कहा कि 11 अगस्त 2026 की समीक्षा के दौरान 627 घोषणाएं लंबित थीं, जिनकी संख्या घटकर अब 303 रह गई है। उन्होंने विभागवार लंबित घोषणाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को शेष मामलों में भी तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
विलोपन और मर्ज के मामलों में तेजी के निर्देश
मुख्य सचिव ने कहा कि जिन घोषणाओं का विलोपन या अन्य घोषणाओं के साथ मर्ज किया जाना है, उनके संबंध में समयबद्ध तरीके से आवश्यक कार्रवाई की जाए। घोषणाओं के मर्ज अथवा दूसरे विभागों को हस्तांतरण से जुड़े मामलों में भी त्वरित निर्णय लेने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि लंबित घोषणाओं को संबंधित विभाग आपसी समन्वय से पूरा करें। योजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए भूमि हस्तांतरण समेत अन्य प्रक्रियाओं में विभागों के बीच निरंतर संवाद और समन्वय बनाए रखा जाए। जहां संभव हो, विभिन्न कार्यों को समानांतर रूप से शुरू किया जाए, ताकि समय की बचत हो और योजनाएं निर्धारित अवधि में पूरी हो सकें।
मुख्य सचिव ने विभागों को मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति पोर्टल पर लगातार अपडेट करने के निर्देश दिए। जिन विभागों के पास पोर्टल की यूजर आईडी और पासवर्ड उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें तत्काल उपलब्ध कराने को कहा गया। उन्होंने सचिव और अपर सचिव स्तर के अधिकारियों को घोषणाओं की गंभीरता से मॉनिटरिंग करते हुए कार्यों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अगली समीक्षा बैठक अक्टूबर के मध्य में आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।
यमुनोत्री ट्रेक रूट के सुधारीकरण की बनेगी कार्ययोजना
मुख्य सचिव ने सम्पूर्ण यमुनोत्री ट्रेक रूट के सुधारीकरण के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अगले 15 दिनों में विस्तृत प्रस्तुतिकरण तैयार करने को कहा। साथ ही ट्रेक रूट के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं की संभावनाओं पर भी कार्य करने के निर्देश दिए।
विभिन्न स्थानों पर प्रस्तावित ईको पार्क सहित अन्य परिसंपत्तियों के संबंध में उन्होंने कहा कि निर्माण से पहले ही उनके संचालन और रखरखाव की व्यवस्था निर्धारित की जाए, ताकि निर्माण के बाद परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सके।
पौड़ी हेरिटेज स्ट्रीट और मल्टीस्टोरी पार्किंग पर तेजी
मुख्य सचिव ने पौड़ी शहर में मुख्य बाजार धारा रोड से एजेंसी कोक तक हेरिटेज स्ट्रीट के कार्य को आवास विभाग से पर्यटन विभाग को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही मल्टीस्टोरी पार्किंग से संबंधित आवास विभाग को भेजे गए प्रस्तावों पर भी शीघ्र कार्रवाई करने को कहा।
उन्होंने कहा कि एक ही क्षेत्र में विभिन्न विभागों की ओर से किए जा रहे अवस्थापना विकास और सौंदर्यीकरण के कार्यों को आपसी समन्वय के साथ एकीकृत रूप से किया जाए, ताकि सभी कार्यों का बेहतर और प्रभावी परिणाम सामने आए।
उपयुक्त भूमि पर ही बने कोल्ड स्टोरेज
मुख्य सचिव ने फलों के भंडारण के लिए प्रस्तावित कोल्ड स्टोरेज निर्माण में भूमि की उपयुक्तता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अनुपयुक्त सरकारी भूमि पर कोल्ड स्टोरेज बनाने के बजाय आवश्यकता के अनुरूप उपयुक्त भूमि क्रय कर निर्माण किया जाए, ताकि इन परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने प्रदेश के सभी शहरों में ओपन स्पेस, सिटी पार्क और ईको पार्क जैसी सुविधाओं के विकास की दिशा में कार्य करने को कहा। सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में निजी भूमि क्रय कर ऐसी सुविधाएं विकसित करने की संभावनाओं पर भी विचार करने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, डॉ. आर. राजेश कुमार, विनोद कुमार सुमन, युगल किशोर पंत, धीराज सिंह गर्ब्याल, अपर सचिव रीना जोशी, मनुज गोयल, रोहित मीणा और नवनीत पाण्डे सहित संबंधित विभागों के सचिव, अपर सचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
