नई शिक्षा नीति में नैतिक शिक्षा पर जोर, राज्यपाल ने उत्कृष्ट योगदान देने वालों को किया सम्मानित

6
0 0
Read Time:2 Minute, 13 Second

देहरादून। उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने शनिवार को लोक भवन में राष्ट्रीय सैनिक संस्था द्वारा आयोजित ‘नई शिक्षा नीति में नैतिक शिक्षा’ विषयक संगोष्ठी में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले सदस्यों को सम्मानित किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि बदलते समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और आधुनिक तकनीक जितनी महत्वपूर्ण हैं, उतना ही आवश्यक है कि युवा पीढ़ी नैतिक मूल्यों, चरित्र, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम से भी सशक्त बने। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के निर्माण की मजबूत आधारशिला संस्कारवान और जिम्मेदार युवा ही हैं।

राज्यपाल ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा, वेद, उपनिषद और ऋषि-मुनियों की शिक्षाएं आज भी जीवन मूल्यों की सबसे बड़ी प्रेरणा हैं। नैतिक शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे जीवन के व्यवहार और आचरण में भी अपनाना आवश्यक है।

उन्होंने विश्वास जताया कि राष्ट्रीय सैनिक संस्था और देश के पूर्व सैनिकों का अनुभव नई पीढ़ी में नेतृत्व क्षमता, सेवा भावना, अनुशासन और राष्ट्रीय चेतना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले सदस्यों को सम्मानित कर उनके कार्यों की सराहना की।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
en_USEnglish