जैविक खेती से समृद्ध और खुशहाल बनेगा उत्तराखंड का किसान: मुख्यमंत्री धामी
अल्मोड़ा। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा प्रवास के दौरान केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित बड़ी संख्या में अन्नदाता भाई-बहनों और स्थानीय जनता को संबोधित किया। कार्यक्रम स्थल पर पहुँचने पर देवतुल्य स्थानीय जनता और किसानों द्वारा मुख्यमंत्री का आत्मीय और पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया, जिससे अभिभूत होकर मुख्यमंत्री ने जनता का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा, प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में चलाया जा रहा “खेत बचाओ अभियान” आज सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूरे देश में एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है। धरती मां की सेहत सुधारने और कृषि को टिकाऊ बनाने की दिशा में यह अभियान मील का पत्थर साबित हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा, उत्तराखंड सरकार भी इसी संकल्प के साथ प्रदेश में जैविक (Organic) एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने हेतु पूरी तरह से कृतसंकल्पित भाव से कार्य कर रही है, ताकि पर्वतीय क्षेत्रों के किसानों की आय में वृद्धि हो सके और पर्यावरण का संतुलन भी बना रहे।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद किसानों से कृषि के आधुनिकीकरण और भूमि संरक्षण के लिए मुख्य रूप से तीन बातें अपनाने का आग्रह किया। किसान अपने खेतों की मिट्टी की जांच जरूर करवाएं ताकि उन्हें जमीन की वास्तविक सेहत और पोषक तत्वों की कमी का पता चल सके। पानी का संतुलित उपयोग करें: बदलते मौसम को देखते हुए सिंचाई में पानी का विवेकपूर्ण और संतुलित इस्तेमाल बेहद जरूरी है। रासायनिक खादों पर निर्भरता कम करें: अंधाधुंध केमिकल के इस्तेमाल से खेतों को बचाएं और उसकी जगह जैविक व प्राकृतिक खेती की ओर कदम बढ़ाएं। “कम खाद, सही खाद और सही सलाह के मंत्र को अपनाकर ही हम अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए अपनी मिट्टी को उपजाऊ बनाए रख सकते हैं।”
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ मंच पर उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्रीगणेश जोशी, विधायक मोहन सिंह महरा, डॉ. प्रमोद नैनवाल, महेश जीना सहित कृषि विभाग के उच्चाधिकारी, वैज्ञानिक और भारी संख्या में क्षेत्र के प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।
